बसपा विधायक विनय शंकर तिवारी की मुश्किलें बढ़ीं, सीबीआई कर सकती है पूछताछ

नई दिल्ली। पूर्वांचल के बाहुबली और पूर्व मंत्री हरिशंकर तिवारी के बेटे और बसपा विधायक विनय शंकर तिवारी की कंपनी मेसर्स गंगोत्री इंटरप्राइजेस के तकरीबन दो दर्जन बैंक खाते सीबीआई की नजर में हैं। अब सीबीआई इन बैंक खातों से हुए सारे लेन देन का ब्योरा खंगाल रही है। माना जा रहा है कि सीबीआई जल्द ही विनय तिवारी समेत अन्य आरोपियों से पूछताछ कर सकती है।

सूत्रों के मुताबिक सीबीआई ने 19 अक्तूबर को दो निजी कंपनियों मेसर्स गंगोत्री इंटरप्राइजेज व मेसर्स रॉयल एंपायर मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड के साथ ही उनसे जुड़े निदेशकों विनय शंकर तिवारी, उनकी पत्नी रीता तिवारी व अजीत पांडेय के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया था। वहीं कंपनी के लखनऊ में महानगर स्थित कार्पोरेट कार्यालय व नोएडा में सेक्टर 72 में स्थित कार्यालय पर छापा मारा था। सूत्रों के अनुसार छापेमारी में सीबीआई ने कई दस्तावेज अपने कब्जे में लिए थे। उसने ऐसे 20 बैंक खातों का पता भी लगाया जिनके जरिए बैंक से लोन के रूप में लिए गए 754.24 करोड़ रुपये का लेनदेन किया गया है।

बता दें कि बैंक आफ इंडिया की शिकायत पर दर्ज की गई इस एफआईआर में कंपनी को दिए गए 754.24 करोड़ रुपये के लोन में धोखाधड़ी किए जाने का आरोप लगाया गया है। हालांकि सीबीआई लोन देने वाले बैंकों के अफसरों से भी पूछताछ कर सकती है। सीबीआई लोन देने में नियमों की अनदेखी किए जाने की भी आशंका जता रही है। जिन संपत्तियों को बंधक रखकर लोन मंजूर किए गए हैं, उनकी वास्तविक कीमत उतनी नहीं है।

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विनय शंकर तिवारी पूर्व मंत्री हरिशंकर तिवारी के पुत्र हैं। वह गोरखपुर की चिल्लूपार सीट से बसपा के विधायक हैं। इससे पहले आईडीबीआई बैंक ने अपने 200 करोड़ रुपये के लोन की वसूली को लेकर नोटिस जारी किया था। बैंक ने 33 लोगों के खिलाफ यह नोटिस जारी किया था। इसमें पूर्व मंत्री हरिशंकर तिवारी, पूर्व सांसद भीष्म शंकर तिवारी, विधायक विनय शंकर तिवारी और विधान परिषद के पूर्व अध्यक्ष गणेश शंकर पांडेय का नाम भी शामिल था।

 

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