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बुलंदशहर: हफ्ते भर से लापता वकील का मिला शव, दोस्त निकला कातिल, 80 लाख का था लेनदेन

बुलंदशहर। यूपी में पिछले कुछ दिनो से लगातार अपहरण, हत्या, लूट की घटनाएं हो रही हैं, बदमाशों में पुलिस का कोई खौफ नही रह गया है. वहीं शनिवार भोर उस वक्त हड़कंप मच गया जब उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में 25 जुलाई से लापता वकील धर्मेंद्र चौधरी का जला हुआ शव एक गोदाम से बरामद हुआ. हालांकि इस मामले में शुरूवात में अपहरण की बात कही जा रही थी लेकिन पुलिस ने आनन फानन में ही घटना का खुलासा कर दिया. पुलिस के मुताबिक धर्मेंद्र की हत्या उसके दोस्त विक्की ने ही की थी. पुलिस की जांच में हत्या के पीछे करीब 80 लाख के लेनेदेन का मामला सामने आया है.

बुलंदशहर के एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि वकील धर्मेंद्र चौधरी प्रॉपर्टी का भी काम करते थे, 25 जुलाई की रात को लगभग 11 बजे के आसपास थाने पर उनके गायब होने की सूचना उनके परिजनो द्वारा दी गई थी. पुलिस लगतार उनकी तलाश में रात भर सर्च ऑपरेशन चलाती रही. अगले दिन सुबह 6 बजे के आसपास उनकी मोटरसाइकिल 6 किलोमीटर दूर सड़क किनारे गड्डे में मिली. उनके मोबाइल की लोकेशन ट्रेस की गई तो उनका मोबाइल भी उसी इलाके में 8.52 पर बंद हुआ पाया गया.

बताया कि शुरूवाती दौर में परिवार के लोग किसी पर शक जाहिर नहीं कर पा रहे थे क्योंकि धर्मेंद्र का किसी से विवाद नहीं था. उन्होंने बताया कि इस संबंध में एक दर्जन से ज्यादा टीमें गठित की गईं थी. सर्विलांस की 3 टीमें बनाई गइें. एसओजी की टीमों को भेजा गया. कई संभावित राज्यों में टीमें भेजी गईं, जहां आशंका थी कि वह स्वत: जा सकते हैं. उन्होने बताया कि काफी छानबीन के बावजूद कोई क्रिमिनल लिंक नहीं मिल रहा था. जो भी इनके मोबाइल की स्थिति थी, रूट की जांच की गई लेकिन सफलता नहीं मिली.

एसएसपी ने बताया कि जांच चल ही रही थी इसी दौरान पता चला कि 25 जुलाई की रात 8.06 बजे ये धर्मेंद्र चौधरी अपने अभिन्न मित्र विवेक उर्फ विक्की के यहां खाना खाने गए थे. पता चला कि अक्सर ये लोग वहां पार्टी करते थे. विक्की लगातार पुलिस के साथ तलाश में भी लगा हुआ था. उसने पूछताछ में बताया कि उस रात जैसे ही ये लोग खाना खाने पहुंचे, एक मिनट बाद एक फोन आया और वकील धर्मेंद्र हैलो करते हुए बाहर निकले और कहा कि 5 मिनट में आ रहा हूं. विक्की का कहना है कि जब ये 2 घंटे तक नहीं आए तो उन लोगों ने खाना नहीं खाया. इसके बाद वह अपने दोनों नौकरों के साथ घर चला गया.

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एसएसपी ने बताया कि शहर के सभी सीसीटीवी खंगाले गए, धर्मेंद्र चौधरी की मोटरसाइकिल कहीं भी नहीं दिखी. वहीं विक्की ने जो टाइमिंग बताई गई, उसी अनुसार उसकी मोबाइल लोकेशन दुकान से घर की थी. उन्होंने बताया कि आखिरकार घरवालों को 27 जुलाई की रात को विक्की पर कुछ शक हुआ. उन्हें धर्मेंद्र की अलमारी से एक डायरी मिली, जिसमें करीब 70 से 80 लाख रुपए के लेनदेन का हिसाब था. इसके बाद घरवालों ने बताया कि धर्मेंद्र चौधरी विक्की को 4 प्रतिशत ब्याज पर पैसे देते थे. ब्याज करीब 10 लाख के आसपास हो गया था. लेकिन किसी भी टेक्निकल जांच में विक्की का लिंक नहीं दिख रहा था, बस ये प्रमाणित था कि आखिरी बार धर्मेंद्र विक्की के यहां गए थे.

उन्होंने बताया कि इसके बाद हमने विक्की का लाइ डिटेक्टर टेंस्ट कराने का निर्णय लिया. विक्की तैयार भी हो गया. दिल्ली की लैब उन्हें भेजा गया, लेकिन वहां वह मुकर गए. उन्होंने कहा कि मुझे शुगर है. इसके बाद हमारा शक बढ़ गया. शुक्रवार रात को गोदाम में सर्च किया गया, 3 घंटे के प्रयास के बाद उसी गोदाम में एक गड्ढे से बदबू आ रही थी. वो सीमेंटेड था. उसे खुदवाया गया तो उसमें टाइल्स पड़ी थी, जैसे-जैसे हटती गई दुर्गंध बढ़ती गई.

विश्वास हो गया कि यहां शव है. इस दौरान वीडियोग्राफी कराते हुए शव को वहां से निकाला गया. मामले में विक्की और उसके दोनों नौकरों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

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