बालिका संरक्षण गृह में नाबालिगों के गर्भवती होने का मामला: विपक्ष ने योगी सरकार पर उठाए सवाल, कहा-दोषियों पर हो कार्रवाई

लखनऊ। कानपुर में बाल संरक्षण गृह मामले को लेकर उत्तर प्रदेश की सियासत गरमा गयी है। विपक्ष इसको लेकर सरकार पर हमले कर रहा है और दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहा है। वहीं, आप सांसद संजय सिंह ने योगी सरकार पर इसको लेकर बड़ा हमला बोला है। इसके साथ ही प्रियंका गांधी ने भी योगी सरकार को कठघरे में खड़ा किया है। यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने घटना पर ट्वीट करते हुए जांच की मांग की है।

उन्होंने लिखा है कि, कानपुर के सरकारी बाल संरक्षण गृह से आई ख़बर से उप्र में आक्रोश फैल गया है। कुछ नाबालिग लड़कियों के गर्भवती होने का गंभीर खुलासा हुआ है। इनमें 57 कोरोना से व एक एड्स से भी ग्रसित पाई गयी है, इनका तत्काल इलाज हो। सरकार शारीरिक शोषण करनेवालों के ख़िलाफ़ तुरंत जाँच बैठाए। इससे पहले प्रियंका गांधी ने इस घटना को मुजफ्फरपुर की घटना जैसा बताया।

उन्होंने सोशल मीडिया में पोस्ट किया, ‘मुजफ्फरपुर (बिहार) के बालिका गृह का पूरा किस्सा देश के सामने है। उत्तर प्रदेश के देवरिया से भी ऐसा मामला सामने आ चुका है।’ कांग्रेस नेता ने कहा कि ऐसे में फिर से इस तरह की घटना सामने आना दिखाता है कि जांच के नाम पर सब कुछ दबा दिया जाता है, लेकिन सरकारी बाल संरक्षण गृहों में बहुत ही अमानवीय घटनाएं घट रही हैं।

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वहीं, आप नेता संजय सिंह ने कहा है कि, ‘कानपुर की ये घटना उत्तर प्रदेश के बाल संरक्षण गृह में हो रहे घिनौने अपराधों का सच उजागर करती है। सात लड़कियां गर्भवती पाई गयीं हैं, जबकि 57 कोरोना संक्रमित पायी गयी हैं। ऐसे गंभीर मामला में यूपी सरकार खामोश क्यों हैं।’ दूसरे ट्वीट में संजय सिंह ने लिखा है कि, ‘योगी के बेशर्म प्रशासन की दलील सुनकर आप हैरान हो जायेंगे। प्रशासन कह रहा है, ‘बाल गृह में गर्भवती लड़ककियां दूसरे जिलों से आईं थीं, इसका मतलब यूपी में 7 नबालिग बच्चियों का रेप हुआ है। उन मामलों में क्या कार्रवाई हुई योगी जी बताओ।’

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