केशव देंगे इस्तीफा, योगी की पसंद का नेता लेगा उनकी जगह

लखनऊ : यूपी बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य योगी सरकार में डिप्टी चीफ मिनिस्टर हैं। अब उन्हें यूपी बीजेपी का अध्यक्ष पद छोडऩा होगा। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि मौर्य जल्द ही अध्यक्ष पद से इस्तीफा दें सकते हैं और योगी की पसंद का कोई नेता उनकी जगह ले सकता है। सूत्रों की मानें तो केशव प्रसाद मौर्य की जगह किसी अति पिछड़ी जाति का या दलित नेता को प्रदेश अध्यक्ष पद की कमान सौंपी जा सकती है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने दिल्ली दौरे के दौरान बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात की थी। इस दौरान दोनों के बीच यूपी बीजेपी अध्यक्ष के नाम पर भी चर्चा हुई। माना जाता रहा है कि इस बार प्रदेश अध्यक्ष योगी की पसंद का होगा। बीजेपी अब लोकसभा चुनाव 2019 की तैयारी में जुट गई है। यूपी विधानसभा चुनाव में मिले प्रचंड बहुमत के बाद। पार्टी की नजरे यूपी पर अधिक है। यूपी में नए बीजेपी अध्यक्ष की तलाश चल रही है। जो लोकसभा चुनाव में बीजेपी के लिए कारगर साबित हो सके।

योगी की पसंद का होगा
बीजेपी का प्रदेश अध्यक्ष इस बार सीएम योगी की पसंद का होगा। जो सरकार और संगठन दोनों में सामंजस्य बैठा सके। ऐसा माना जा रहा है कि इस बार प्रदेश अध्यक्ष पश्चिमी उत्तर प्रदेश से होगा। इस पद पर ऐसे व्यक्ति की तलाश की जा रही है जिसकी छवि अच्छी हो और अपनी जाति में अच्छी पकड़ हो।

कसौटी पर खरे उतरे केशव
बीजेपी ने केशव प्रसाद मौर्य को यूपी की समान सौंपी थी और वे सफल रहे। मौर्य ने यूपी विधानसभा चुनाव में बीजेपी की जीत में महत्पवूर्ण भूमिका निभाई। मौर्य अति पिछड़े वर्ग से आते हैं, प्रदेश में अति पिछड़ी जातियों को भजपा से जोडऩे में वे काफी सफल रहे हैं। अब बीजेपी चाहती है कि प्रदेश अध्यक्ष की कमान ऐसे नेता को सौंपा जाए जो या तो अति पिछड़ी जाति से आता हो या दलित वर्ग से आता हो और उसे पार्टी और संगठन के बारिकियों के बारे में अच्छी तरह से पता हो।

किसी दलित नेता को सौंपने पर हो रहा है विचार
माना जा रहा है कि किसी दलित नेता को ही यूपी भाजपा अध्यक्ष बनाने की तैयारी है। भाजपा आलाकमान बसपा प्रमुख मायावती का दलित वोट बैंक अपने पाले में खींचने की कवायद में अध्यक्ष पद की कमान किसी दलित नेता को सौंपने पर विचार कर रहा है, जिससे दलित वोट बैंक को अपनी ओर खींचा जा सके। रेस में जो नाम सबसे आगे हैं उनमें सांसद विनोद सोनकर, सांसद राम शंकर कठेरिया, सांसद राजेश कुमार दिवाकर, भोला सिंह, डाक्टर यशवंत शामिल हैं।

Gyan Dairy

पश्चिम के किसी नेता को दिया जाना तय माना जा रहा है
पार्टी के तमाम दलित नेताओं के प्रभाव का आंकलन कर उनके नाम पर मंथन शुरू कर दिया गया है। अध्यक्ष पद के लिए आलाकमान की नजर कौशांबी से लोकसभा सांसद विनोद सोनकर, आगरा से सांसद राम शंकर कठेरिया, हाथरस से सांसद राजेश कुमार दिवाकर, बुलंदशहर से भोला सिंह और नगीना से सांसद डा. यशवंत सिंह पर टिकी है।

यूपी भाजपा अध्यक्ष का पद पश्चिम के किसी नेता को दिया जाना तय माना जा रहा है। ऐसे में कठेरिया, राजेश कुमार दिवाकर और भोला सिंह को अध्यक्ष पद की कमान मिलने की संभावना अधिक है। सूत्र बताते हैं कि भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने इस मामले में संघ से भी चर्चा की है। दोनों के बीच किसी दलित नेता को अध्यक्ष पद की कमान सौंपने की लगभग सहमति बन चुकी है। वहीं अति पिछड़ी जाति के किसी नेता को भी कमान सौंपने की चर्चा हो रही है। ऐसे में अब यूपी बीजेपी का अध्यक्ष या तो कोई दलित नेता होगा या कोई अति पिछड़ी जाति का होगा जो केशव प्रसाद मौर्य की जगह लेगा।

Share