पंजीरी घोटाले की सीएम योगी से सीबीआई जाँच करवाने की मांग, कई अधिकारी फसेंगे

उत्तरप्रदेश महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ज्ञापन देकर पंजीरी घोटाले की CBI जांच कराने की माँग की। इससे पहले यूपी के सीएम योगी आदित्यानाथ ने पंजीरी के करोड़ों के टेंडर की फाइल तलब की थी और पंजीरी का टेंडर भी निरस्त कर दिया था।

प्रदेश के बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग में करोड़ों का घपला सामने आने के बाद प्रदेश सरकार ने विभाग की प्रमुख डिंपल वर्मा को हटाकर प्रतीक्षा सूची में डाल दिया है। उनकी जगह अनीता सी. मेश्राम को सचिव के तौर पर विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

सूत्रों की माने तो पंजीरी घोटाले में दर्जनों अधिकारियों के नपने की आशंका है। आरोप है कि इस घोटाले में बालविकास और पुष्टाहार विभाग ने बिना टेंडर के ही 700 करोड़ की पंजीरी बांट दी। शासन की अनुमति के बगैर कई फर्मों को 321 करोड़ की भुगतान कर दिया गया।  फिलहाल इस मामले में जांच के आदेश दे दिए गए हैं और सीएम को मिली शिकायत के अनुसार पंजीरी टेंडर को निरस्त करने के आदेश दे दिए गए हैं।

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पिछले वित्त वर्ष में बिना टेंडर के ही 10 चहेती फर्मों से हर महीने 58 करोड़ रुपये की पंजीरी की आपूर्ति करवाई गई। आरोप है कि 2004 में ग्रेट फूड वैल्यू को ब्लैक लिस्टेड कर दिया गया था और घटिया पंजीरी की सप्लाई पर इसे ब्लैक लिस्टेड थी ग्रेट फूड वैल्यू। लेकिन इस कंपनी को 13 साल से लगातार ठेका मिलता रहा।

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