कोरोना का खौफ: मौत के बाद महिला को नहीं मिले कंधा देने वाले, पति ने पुलिस से लगाई गुहार

नई दिल्ली। कोरोना वायरस के चलते आगामी 3 मई तक देशव्यापी लॉकडाउन है। लॉकडाउन के बीच गाजियाबाद जिले के खोड़ा में एक महिला की कैंसर से मौत हो गई। महिला की मौत के बाद पति को अंतिम संस्कार के लिए परेशान होना पड़ा। लॉकडाउन के कारण शव को श्मशान घाट तक ले जाने का भी इंतजाम नहीं हो पाया। कोरोना के खौफ के कारण कोई पड़ोसी भी मदद को आगे नहीं आया। हारकर मृतका के पति ने पुलिस को फोन कर मदद की गुहार लगाई। इसके बाद खोड़ा थाना पुलिस ने शव को श्मशान घाट तक ले जाने के लिए वाहन की व्यवस्था कराकर उसका अंतिम संस्कार कराया।

बलिया के रेवती थाना क्षेत्र के पेरौहटा गांव के रहने वाले संजय ठाकुर बीते आठ महीने से खोड़ा के हयात नगर में किराये पर रह रहे हैं। दर्जी का काम करने वाले संजय अपनी पत्नी को कैंसर होने के कारण इलाज कराने के लिए खोड़ा में रहने आए। उनकी पत्नी का दिल्ली के एक अस्पताल में कैंसर का इलाज चल रहा था। रविवार को संजय की पत्नी की मृत्यु हो गई। ऐसे में पत्नी के शव को श्मशान घाट तक ले जाने की कोई व्यवस्था नहीं थी। आसपास के लोग भी कोरोना संक्रमण की वजह से डर के कारण नहीं आ रहे थे। संजय ने पत्नी के अंतिम संस्कार की व्यवस्था न होने पर मामले की सूचना खोड़ा थाना प्रभारी संदीप सिंह को दी।

थाना प्रभारी ने संजय की समस्या को समझते हुए एक पीसीआर को संजय की मदद के लिए लगाया और शव वाहन की व्यवस्था कराई। इसके बाद शव वाहन में संजय ने गाजीपुर श्मशान घाट जाकर पत्नी के शव का अंतिम संस्कार किया। पुलिस भी अंतिम संस्कार संपन्न कराकर ही मौके से लौटी। खोड़ा थाना प्रभारी संदीप सिंह का कहना है कि पीड़ित ने बहुत परेशान होकर संपर्क किया था। समस्या की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने मानवता के नाते मदद की है।

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पुलिस के मुताबिक, संजय ने कुछ माह पूर्व ही खोड़ा में किराए पर कमरा लिया था, इसलिए उसका स्थानीय स्तर पर खास संपर्क भी नहीं है। दूसरा कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन के कारण आसपास के लोग हो सकता है चाहकर भी संजय की मदद ना कर पाए हों, इसलिए जब पुलिस के पास पीड़ित का फोन आया तो पुलिस ने अपना फर्ज पूरा करते हुए पीड़ित की मदद की।

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