कोर्ट ने डीएसपी सहित 11 पुलिसकर्मियों को माना राजा मानसिंह का कातिल, 35 साल बाद आया फैसला

नई दिल्ली। राजस्थान की भरतपुर रियासत के राजा और तत्कालीन डीग विधायक मानसिंह हत्याकांड में मथुरा की अदालत ने 18 में से 11 आरोपियों को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने सुबूतों के अभाव में तीन आरोपियों को दोष मुक्त कर दिया है। जबकि इस केस के तीन आरोपियों की मौत हो चुकी है।

अदालत ने जिन 11 आरोपियों को दोषी माना है, उनमें तत्कालीन डीएसपी कान सिंह भाटी, एसएचओ डीग वीरेंद्र सिंह, सुखराम, आरएसी के हेड कांस्टेबल जीवाराम, भंवर सिंह, कांस्टेबल हरी सिंह, शेर सिंह, छत्तर सिंह, पदमाराम, जगमोहन, एसआइ रवि शेखर। इन सभी को धारा 148, 149, 302 के तहत दोषी करार दिया गया हैैै। फिलहाल सभी दोषियों को कस्‍टडी में ले लिया गया है। इनकी सजा का ऐलान अब बुधवार को होगा।

गौरतलब है कि करीब 35 वर्ष पूर्व भरतपुर के डीग में राजा मानसिंह सहित तीन लोगों की पुलिस द्वारा गोली मारकर हत्या करने का आरोप था। इस मामले में राजा मानसिंह के दामाद ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। यह मामला जांच के लिए सीबीआई पर गया। बाद में इसकी सुनवाई 1990 में मथुरा स्थानांतरित की गई थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट परिसर पर पुलिस की जबरदस्त सुरक्षा व्यवस्था रही। आम व्यक्ति का प्रवेश कोर्ट परिसर में रोक दिया गया था।

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एनकाउंटर से एक दिन पहले राजा मान सिंह पर राजस्थान की कांग्रेस सरकार के तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवचरण माथुर के हेलीकॉप्टर तथा मंच को अपने जोगा गाड़ी से तोड़ने का आरोप लगा था। इसके लिए राजा मानसिंह के खिलाफ दो अलग-अलग मुक़दमे भी कायम हुए थे। इस मामले में डीएसपी कान सिंह भाटी सहित 17 अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ आरोप पत्र सीबीआई ने दाखिल किया था।

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