किसान ने फेंकी सड़क किनारे कुंतलो गोभी लूटने वालों की लगी भीड़,जानें पूरा मामला

पीलीभीत। यूपी के पीलीभीत जिले में आज सुबह सब्जी मंड़ी में अलग ही मामला देखने को मिला। वहां के एक किसान की गोभी की बिक्री ना होने से परेशान होकर सड़क पर कई कुंतल गोभी फेंक दी। किसान की इस तरह की नाराजगी देखकर लोगों ने उसे काफी समझाने की कोशिश भी की, लेकिन वह नहीं माना और उसने लगभग 10 कुंतल गोभी सड़क के किनारे ही फेंक दी। इसके बाद लोगों में गोभी लूटने की होड़ मच गई। जिले के जहानाबाद क्षेत्र के कस्बा नई बस्ती निवासी लघु किसान सलीम के पास तीन बीघा जमीन है। वह पिछले काफी समय से अपने खेत पर सब्जियां उगा रहे हैं। सलीम के अनुसार, अबकी बार भी उन्होंने अपने तीन बीघा खेत में फूल गोभी बोई थी। गोभी के लगभग पांच हजार पेड़ तैयार हुए। जो लगभग दस कुंतल है। जब वह गोभी बेचने जहानाबाद कस्बे की मंडी में गया तो उसे भाव नहीं मिले। इसके बाद वह मंडी समिति पीलीभीत आया, यहां भी उसको एक रुपये किलो के हिसाब से भाव मिला। वह कई दिन तक मंडी समिति के चक्कर लगाता रहा लेकिन उसकी गोभी नहीं बिकी। इतना ही नहीं उसका डीजल आदि का रुपया भी खर्च हो गया।

उसके खेत में हुए कार्य का लेबर चार्ज भी डेढ़ रुपये प्रति पेड़ गया। ऐसे में उसकी लागत ही नहीं मिल पा रही है। इससे परेशान किसान ने कस्बे में अपनी सारी फूलगोभी सड़क पर ही फेंक दी और अपने घर चला गया। किसान को राहगीरों ने रोकने का प्रयास किया लेकिन वह नहीं माना। कस्बे में किसान का फूलगोभी फेंकना चर्चा का विषय बना हुआ है। लखीमपुर खीरी जिले के गांव सेहरुआ सब्जियों की खेती का केंद्र है। इस बार किसानों के लिए गोभी की फसल आफत बनकर आई है। किसान मायूसी में इसे काटकर जानवरों को खिला रहे हैं। गांव के हबीब खां 8 वर्षों से लगातार सब्जी की खेती कर रहे हैं।

उनके अनुसार, इस बार गांव में बाहर का व्यापारी गोभी खरीदने नहीं आ पाया, जिसके कारण आधे-पौने दामों में ही गोभी की बिक्री करनी पड़ी। इसके साथ ही डीजल और खाद भी महंगी हो गई हैं, जबकि सब्जी का भाव इतना कम है कि लागत ही नहीं निकल पा रही। हसीब खां खेत पर गोभी कटवा रहे थे। गोभी उत्पादन में किसानों को भारी घाटा हुआ है। जिले में तीन हजार हेक्टेयर इसका रकबा है। एक एकड़ में गोभी तैयार करने में करीब 35 हजार की लागत लग रही है। जिसमें सिंचाई, खाद, निराई आदि भी शामिल है। लेकिन जब फसल तैयार हुई तो खरीदार ही नहीं मिल रहे हैं। साथ ही बाहर के व्यापारी भी नहीं आ रहे हैं। किसानों ने बताया की सरकारी सहायता के नाम पर उनको लोन मिला था। पर अब तो लोन की किश्त जमा कर पाना मुश्किल हो रहा है।

Gyan Dairy

 

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