सिपाही को 1000 रुपए की रिश्वत ना देने पर किसान को चौकी में बंद करके बुरी तरह पीटा, FIR दर्ज

बरेली। उत्तर प्रदेश के बरेली में एक पुलिस द्वारा रिश्वत लेने का मामला सामने आया है। पुलिस को एक हजार रुपए रिश्वत न देने के आरोप में सिपाही ने किसान को पकड़कर चौकी में बंदकर उसकी पिटाई की। इस मामले की शिकायत सीओ से की गई। तब जांच में पता लगा कि किसान अपने पड़ोसी से उपले को लेकर भिड़ गया था। दोनों में मारपीट होने पर पुलिस ने उनका शांतिभंग में चालान किया था। यह घटना सिरौली थानाक्षेत्र की चौकी नबाबपुरा के गांव पृथ्वीपुर की है। यहां पर रहने वाले रामवीर यादव के अनुसार, उनके गांव में ही रहने वाले श्रीपाल से उपलों को लेकर झगड़ा हो गया था। जिसपर पुलिस ने शांति भंग की कार्रवाई करते हुए दोनों पक्षों का चालान काट दिया था। चौकी पुलिस दोनों पक्षों को एक किराए की वैन कर जमानत को आंवला ले गई।

जिसपर आरोप है, कि वापसी में सिपाही ने चारों लोगों से एक एक हजार रुपए वैन किराए के रूप में मांगें थे। रामवीर ने रुपए देने से मना कर दिया था, साथ ही अन्य तीन लोगों ने भी रुपए नहीं दिए। इससे नाराज सिपाही ने गांव आने पर तीनों लोगों को गावं में उतार दिया लेकिन, उसे नहीं उतरने दिया और पुलिस चौकी ले गए। चौकी में अंदर बंद करके उसकी बुरी तरह पिटाई की। पिटाई के निशान उसके शरीर पर बन गए हैं। जिसके बाद पीड़ित ने सीओ आंवला से पुलिस की शिकायत की है। रामवीर पुत्र गज राम व श्रीपाल पुत्र गोकुल सिंह निवासी पृथ्वीपुर थाना सिरौली बरेली के बीच कंडे उपले तोड़ने को लेकर विवाद हुआ था|

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रामवीर द्वारा शराब पीकर श्रीपाल के उपले तोड़ दिए गए थे 112 नंबर दोनों को चौकी ले गई थी, दोनों पक्षों को चौकी इंचार्ज द्वारा समझाने बुझाने का प्रयास किया गयो नहीं मानने पर दोनों पक्षों को थाने लाकर 151 की कार्रवाई की गई थी, उक्त रामवीर द्वारा ही पुलिस कार्रवाई से नाराज होकर आरक्षी शिवम के विरुद्ध मारपीट करने 1000 रुपए मांगने के मनगढ़ंत आरोप लगाए गए हैं। रामवीर और श्रीपाल का उपले तोड़ने को लेकर विवाद हुआ था। 112 नंबर पर पुलिस को सूचना मिली। दोनों को समझाने का प्रयास किया, नहीं माने तो शांतिभंग में चालान कर दिया। पुलिस कार्रवाई से नाराज होकर सिपाही पर रिश्वत का आरोप लगाया है। जो की सरासर झूठ है।

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