अजीत सिंह हत्याकांड में भगोड़ा घोषित होंगे पूर्व सांसद धनंजय सिंह, सुनील राठी लाया जाएगा लखनऊ

लखनऊ। यूपी की राजधानी लखनऊ के विभूतिखंड क्षेत्र में मऊ के पूर्व ब्लाक प्रमुख अजीत सिंह की हत्या के मामले में अर्से से फरार चार आरोपियों की सम्पत्ति कुर्क होगी। इसके लिए आज लखनऊ कमिश्नरेट पुलिस कोर्ट में अर्जी देगी। पुलिस ने विवेचना में प्रकाश में आये कुख्यात अपराधी सुनील राठी को वारन्ट बी पर लखनऊ जेल लाने की तैयारी में है। इस मामले में लखनऊ पुलिस पूर्वांचल के बाहुबली पूर्व सांसद धनंजय सिंह को भगोड़ा घोषित करने की तैयारी भी है।

बता दें कि विगत छह जनवरी को मऊ के हिस्ट्रीशीटर अजीत सिंह की हत्या कर दी गई थी। इस वारदात को अंजाम देने वाले मुख्य शूटर गिरधारी को पुलिस ने मुठभेड़ में ढेर कर दिया था। इसके साथ ही शूटर संदीप बाबा, अंकुर, राजेश तोमर, मुस्तफा, मददगार प्रिंस, रेहान, अखण्ड जेल में बंद है। घटना में घायल शूटर राजेश तोमर ने रिमाण्ड अवधि पर कई खुलासे किए थे जिस पर सुनील राठी का नाम भी इस हत्याकाण्ड में दो दिन पहले बढ़ा दिया गया था। सुनील राठी से पुलिस को कई जानकारियां मिलने की उम्मीद है। इसलिये ही उसे वारन्ट बी पर लखनऊ जेल लाने की तैयारी की जा रही है। उसे पुलिस रिमाण्ड पर लेने के लिये भी अर्जी देगी।

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इंस्पेक्टर चन्द्रशेखर सिंह ने बताया कि इस मामले में पूर्व सांसद धनंजय सिंह, मददगार विपुल सिंह, प्रदीप सिंह कबूतरा, कुणाल कुमार, शूटर रवि यादव की तलाश की जा रही है। धनंजय सिंह पांच मार्च को पुराने मामले में जमानत कटवा कर प्रयागराज कोर्ट में हाजिर हो गए थे। 25 दिन बाद इसी मामले में धनंजय सिंह फिर जमानत पर बाहर आ गए। अब वह फिर पुलिस की रडार पर है। इन आरोपियों की सम्पत्ति कुर्क करने की अनुमति मिलते ही पुलिस डुगडुगी पिटवायेगी।

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