blog

यूपी : प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 5.54 लाख बेघर लोगों को सरकार देगी घर

Spread the love

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत प्रदेश में अभी तक 5.54 लाख आवास स्वीकृत करते हुए 4.95 लाख आवासों हेतु लाभार्थियों को धनराशि की प्रथम किश्त अवमुक्त कर दी गई है। यह जानकारी आज यहां राज्य सरकार के प्रवक्ता ने दी। प्रवक्ता ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत वर्ष 2017-18 में राज्य में कुल 9.6 लाख आवासों के निर्माण का लक्ष्य है। इसमें से 5.73 लाख आवास वर्ष 2016-17 के तथा 3.96 लाख आवास वर्ष 2017-18 के निर्मित होने हैं। इसके सापेक्ष अभी तक 6.65 लाभार्थियों का पंजीकरण तथा 6.22 लाख लाभार्थियों की जियो-टैगिंग की जा चुकी है।

सर्वेक्षण के पश्चात सूचियों का प्रकाशन, सत्यापन एवं शिकायतों के निराकरण के बाद अंतिम सूची तैयार कर भारत सरकार द्वारा वेबसाइट पर अपलोड करायी गयी। अंतिम सूची को ग्राम सभा की खुली बैठक में प्रस्तुत किया गया। सूची में जिन परिवारों को सर्वेक्षण के पश्चात अब तक आवास मिल चुका है या जिन्होंने अपने संसाधन से आवास बनवा लिए हैं या किसी अन्य कारणवश अपात्र हैं, उन्हें सूची से हटाते हुए अंतिम पात्रता सूची ग्राम सभा द्वारा अनुमोदित की गई है। तैयार की गयी पात्रता सूची के सम्बन्ध में कोई शिकायत होने पर ग्रामीण परिवार, जिला स्तर एवं विकासखण्ड स्तर पर गठित अपीलिएट कमेटी में शिकायत कर सकता है।

प्रवक्ता ने कहा कि 20 नवम्बर 2016 से आरम्भ की गई प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का मुख्य उद्देश्य बेघर तथा कच्चे मकानों में रह रहे गरीब परिवारों को आवास उपलब्ध कराना है। इसके अंतर्गत लाभार्थियों की पहचान सामाजिक, आर्थिक एवं जाति जनगणना के आधार पर की गयी है। इसके लिए ग्रामीण स्तर पर निर्धारित प्रारूप पर टैबलेट पीसी के माध्यम से सर्वेक्षण किया गया है। योजना हेतु वित्त पोषण केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा 60ः40 के अनुपात में किया जाएगा।

प्रत्येक आवास की लागत सामान्य क्षेत्रों के लिए 01 लाख 20 हजार रुपए तथा नक्सल प्रभावित जनपदों के लिए 01 लाख 30 हजार रुपए है। लाभार्थियों को धनराशि का भुगतान तीन किश्तों में किया जाएगा। सामान्य क्षेत्रों के लिए प्रथम किश्त 40 हजार रुपए, द्वितीय किश्त 70 हजार रुपए तथा तृतीय किश्त 10 हजार रुपए की है। नक्सल प्रभावित तीन जनपदों में प्रथम किश्त 44 हजार रुपए, द्वितीय किश्त 76 हजार रुपए तथा तृतीय किश्त 10 हजार रुपए की है।

इस कमेटी के द्वारा शिकायत निस्तारण के बाद ही जिले स्तर से स्थाई प्रतीक्षा सूची की प्राथमिकता निर्धारित की जाती है। इसी स्थाई प्रतीक्षा सूची से वर्षानुवर्ष आवासों का आवंटन किया जाएगा। जिन पात्र परिवारों के नाम किसी कारणवश इस सूची में सम्मिलित नहीं हो सके हैं, उन परिवारों को सूची में सम्मिलित करने के लिए गाइडलाइन में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सूची तैयार करने हेतु जिलों को निर्देश दिए गए हैं। जिले से तैयार सूची राज्य स्तर पर उपलब्ध करायी जाएगी। राज्य स्तर से सूची भारत सरकार को प्रेषित करते हुए सम्मिलित करने हेतु अनुरोध किया जाएगा। अद्यतन सूचना के अनुसार इस सूची के 48.08 लाख परिवारों में से 24.17 लाख परिवार प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लिए पात्र पाए गए हैं।

स्वच्छ भारत अभियान अथवा मनरेगा के अंतर्गत प्रत्येक आवास के साथ स्वच्छ शौचालय अनिवार्य है। आवास का निर्मित क्षेत्रफल 25 वर्ग मीटर होगा, जिसमें एक कमरा व एक रसोई का क्षेत्रफल भी शामिल है। शौचायल क्षेत्र अलग से होगा। सामान्य क्षेत्रों के प्रत्येक परिवार को प्रतिदिन 175 रुपए की दर से 90 दिन का (15 हजार 750 रुपए) तथा नक्सल प्रभावित जनपदों में 95 दिन का (16 हजार 625 रुपए) का अकुशल श्रमिक रोजगार दिया जाएगा।

You might also like