हरियाणा निवासी की काठमांडू में मौत, शव लाने की लिए परिजन परेशान

सोनौली । लॉकडाउन में बेबसी और लाचारी के अंतहीन किस्से खत्म होने के नाम नहीं ले रहे हैं। इन किस्सों में एक नया अध्याय हरियाणा के भिवानी निवासी मनोज के रूप में सोमवार को जुड़ गया। मनोज के मामा का काठमांडू के एक अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हुआ है। काठमांडू पुलिस ने सूचना दी है कि 36 घंटे में शव ले जाएं नहीं तो उसका अंतिम संस्कार करा दिया जाएगा। अपने मित्र के साथ सोनौली तक तो मनोज पहुंच गया है, लेकिन दोनों देशों के अफसरों से मनुहार करने के बाद भी उसे नेपाल में एंट्री नहीं मिल रही है।

भिवानी निवासी मनोज ने बताया कि उसके मामा महेन्द्र पाल निवासी हिसार काठमांडू में माला बेचने का व्यवसाय करते थे। दो दिन पहले उनके पेट में दर्द हुआ और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। काठमांडू पुलिस ने मोबाइल पर सभी कागजात भेजकर सूचना दी कि 36 घंटे के अंदर काठमांडू आकर डेड बॉडी ले जाएं। 36 घंटे के बाद बॉडी का काठमांडू में अंतिम संस्कार करा दिया जाएगा। मनोज का कहना है कि वह नेपाल जाने के लिए दोनों देशों के अधिकारियों का चक्कर काट रहा है, लेकिन नेपाल प्रशासन उसे काठमांडू जाने के लिए नेपाल में एंट्री नहीं दे रहा है।

इसी बीच सीमा के दौरे पर आए जिलाधिकारी डॉ. उज्ज्वल कुमार से मनोज ने अपनी परेशानी बताई। डीएम ने रूपनदेही-नेपाल के डीएम से बात कर पीड़ित को जल्द मदद दिलाने की अपेक्षा की। वहीं नेपाल के भैरहवा विधायक संतोष पांडेय का कहना है कि शव को सीमा पर लाने के लिए वे काठमांडू पुलिस से बात कर रहे हैं।

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ईश्वरी अधिकारी, इंस्पेक्टर बेलहिया-नेपाल ने बताया कि ‘‘किसी को काठमांडू जाने की इजाजत नहीं है। रूपनदेही प्रशासन पीड़ित की मदद में लगा हुआ है। रूपनदेही सीडीओ उच्चाधिकारियों से इस मामले में बात कर रहे हैं।’’

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