हाथरस गैंगरेप कांड: यूपी की योगी सरकार ने गठित की तीन सदस्यीय एसआईटी

लखनऊ। हाथरस गैंगरेप कांड को लेकर पूरे देशभर में बवाल मचा हुआ है। यूपी की येागी सरकार इस घटना को लेकर कटघरे में खड़ी हो गई है। विपक्ष योगी सरकार पर निशाना साध रहा है। वहीं, सीएम योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की हाथरस की घटना के लिए दोषी व्यक्तियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाने और प्रभावी पैरवी करने के लिए स्पष्ट निर्देश दिए हैं। सीएम योगी के निर्देश पर घटना पर जांच के लिए तीन सदस्यीय एसआईटी गठित की गई है।

एसआईटी में गृह सचिव भगवान स्वरूप, डीआईजी चंद्र प्रकाश और सेनानायक पीएसी आगरा पूनम एसआईटी के सदस्य होंगे। सीएम योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट कर जानकारी दी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुझसे हाथरस की घटना पर बात की है। उन्होंने कहा है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। इस मामले में सभी चारों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है। बता दें कि हाथरस के चंदपा क्षेत्र की दुष्कर्म पीड़िता 16 दिन बाद जिंदगी से जंग हार गई।

उसने दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में मंगलवार सुबह साढ़े पांच बजे अंतिम सांस ली। रात में उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। पुलिस इस मामले में चारों आरोपितों को जेल भेज चुकी है। देर शाम तक शव हाथरस नहीं पहुंच सका था। युवती की मौत से लोगों में जबर्दस्त आक्रोश है।

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आरोपितों को फांसी देने की मांग को लेकर हाथरस में कई जगह प्रदर्शन हुए। बता दें कि, यूपी के हाथरस में दलित युवती के साथ निर्भया जैसी हैवानियत पर सियासत गरमा गई है। सोशल मीडिया पर लोगों का आक्रोश झलक रहा है। दिल्ली के जिस सफदरजंग अस्पताल में पीड़िता ने कल आखिरी सांस ली और उसके बाद अस्पताला के बाहर प्रदर्शन हुआ, कैंडल मार्च निकला। यूपी में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग हो रही है। सीएम योगी ने मामले में जड़ तक पहुंचने के लिए एसआईटी गठित कर दी है।

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