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हाथरस कांड: आरोपियों की चिट्ठी कैसे हुई वायरल, पुलिस कर रही जांच

लखनऊ। हाथरस गैंगरेप कांड में आरोपियों की ओर से जेल से लिखी गई चिट्ठी वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया ​है। एक अहम सवाल यहां खड़ा हो रहा है कि चिट्ठी जेल से जारी होने के चंद घंटों बाद ही लीक कैसे हो गई। आखिरकार ये मीडिया तक कैसे पहुंची। इतना गोपनीय कागज आखिर कैसे लीक हो गया। अब पुलिस इसकी पड़ताल करने में जुट गई है।

कोरोना काल में जेल में बंदियों की मुलाकात बंद है। इसके बावजूद पिछले दिनों हाथरस के भाजपा सांसद, बरौली के भाजपा विधायक और हाथरस के ही हसायन के ब्लाक प्रमुख पति जेल गए थे। हालांकि, जेल से वापसी के बाद खुद उन्होंने हाथरस कांड के आरोपियों से मुलाकात न करना स्वीकारा था। कारागार अधिकारियों ने भी बताया कि सांसद तो किसी से नहीं मिले। विधायक व उनके साथ आए अन्य लोग किसी गंगा सिंह नाम के बंदी से मिले थे।

वहीं बताया ये भी जा रहा है कि यह चिट्ठी बाहर लिखी गई है और फिर अंदर आरोपियों तक पहुंचाई गई है। कोई कह रहा है कि आरोपियों को चिट्ठी का कच्चा मजमून दिया गया है। उसे इन लोगों ने अपनी राइटिंग में लिखकर बाहर भिजवा रहा है। कोई कह रहा है कि इन्हें ‘मुलाकातों’ में ज्ञान दिया गया है। तभी तो इस चिट्ठी में अपराध संख्या से लेकर धारा आदि लिखे गए हैं।

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चिट्ठी के लीक होने को लेकर भी तरह-तरह की बातें सामने आ रही हैं। हालांकि कारागार प्रशासन का कहना है कि चिट्ठी उन्हें बंदियों द्वारा मुहैया कराई गई, जिसे तत्काल लिफाफा बंद कर विशेष संदेश वाहक के जरिये हाथरस भेजा गया। हालांकि एसपी हाथरस ने बृहस्पतिवार देर शाम तक यही कहा कि उन्हें चिट्ठी नहीं मिली। अब जो भी हो, मगर चिट्ठी या तो जेल से ही लीक हुई या फिर हाथरस एसपी आवास से लीक हुई।

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