UP- एटा की ‘कातिल बहू’ के हाथों ​कैसे बचा पति ? जानें असल वजह

लखनऊ। लॉकडाउन के बीच दिल दहला देने वाले उत्तर प्रदेश के एटा जनपद में एक ही परिवार के पांच लोगों के कत्ल के मामले को पुलिस ने सुलझा लेने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक एटा में पांच लोगों की हत्या किसी और ने नहीं बल्कि घर की बहू दिव्या पचौरी ने की है। पुलिस के मुताबिक दिव्या ने पहले ससुर, अपनी बहन, और अपने दो बच्चों को मारा इसके बाद खुद जहर खाकर आत्महत्या कर ली।

दिव्या के पति दिवाकर पुलिस के दावे को झूठ बेबुनियाद बता रहे हैं। दिवाकर ने कहा कि दिव्या ऐसा कर ही नहीं सकती। पांचों की हत्या हुई है। किसी ने परिवार को खत्म करने के लिए इस घटना को अंजाम दिया है। इस मामले में सीबीआई जांच होनी चाहिए। दरअसल, दिवाकर पिछले 12 वर्षों से उत्तराखंड के रुड़की में एक दवा की कंपनी में काम करते है। दिवाकर की रोज परिवार में सबसे बात होती है। वह लॉकडाउन से पहले ही घर आए थे। शुक्रवार की शाम करीब आठ बजे दिवाकर ने फोन किया तो पिता राजेश्वर प्रसाद से बात हुई थी। वहीं उनके भाई कलक्ट्रेट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रामेश्वर प्रसाद पचौरी घर पर गए थे। वह करीब साढ़े सात बजे उनके घर से गए है। उस समय तक घर पर सब ठीक था। घर में पांच मौतों के बाद अब सिर्फ मृत रिटायर्ड स्वास्थ्य अधिकारी राजेश्वर प्रसाद पचौरी के इकलौते बेटे दिवाकर पचौरी बचे हैं।

एटा में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत से कोहराम मच गया था। कोतवाली नगर के मोहल्ला शृंगार नगर में रिटायर्ड स्वास्थ्यकर्मी राजेश्वर प्रसाद पचौरी (75) पुत्र रामप्रसाद पचौरी रहते थे। उनकी पुत्रवधू दिव्या (35) पत्नी दिवाकर, नाती आरुष (8) आरव (एक) रहते थे। कुछ दिन पूर्व बेटे की साली बुलबुल निवासी सोनई (23) निवासी सोनई, हाथरस भी आ गई थी। शनिवार सुबह दूध देने के लिए महिला आई थी। महिला ने गेट खटखटाया तो कोई आवाज नहीं आई। उसने अंदर झांककर देखा तो गेट के पास ही चारपाई पर दिव्या की लाश पड़ी दिखाई दी। यह देख वह चीख निकल गई। इस मामले की जानकारी आसपास के लोगों को दी गई। पूरा मोहल्ला जमा हो गया। अंदर से ताला बंद होने के कारण कुछ पता नहीं चल सका। सूचना मिलने पर पुलिस पहुंच गई।

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इसलिए पुलिस ने दिव्या को माना कातिल
पुलिस अधिकारियों की मानें तो मुख्य गेट के पास महिला दिव्या का शव मिला था। दिव्या के मुंह से झाग निकल रहा था। पुलिस ऊपर वाले कमरे में पहुंची। बुलबुल का शव चारपाई पर मिला। जिसके गले पर निशान थे। अगले कमरे में पहुंची। दोनों बच्चों के शव मिले। बड़े बेटे आरुष के मुंह से झाग निकल रहा था तो वही चेहरे पर खून के निशान भी थे। छोटे बेटे के मुंह से झाग निकल रहा था। इसके साथ ही राजेश्वर प्रसाद पचौरी के कमरे में पहुंचे। वह भी मृतवस्था में पड़े मिले। अलग-अलग चोट, शव मिलने की स्थिति को लेकर पुलिस और अधिकारी भी उलझन में थे।

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