जन्माष्टमी: दयालु हॉस्पिटल की डायरेक्टर डॉ सीमा मिश्र ने अपने नृत्य से दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध

जन्माष्टमी के सुभअवसर पर कला संस्कृति को समर्पित संस्था संस्कार भारती द्वारा कला कुम्भ मथुरा महोत्सव कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में डॉक्टर सीमा मिश्र ने भाग लिया और दर्शकों को अपने नृत्य से मंत्रमुग्ध कर दिया।

आज पूरे देश में हर्षोल्लास के साथ जन्माष्टमी का पर्व मनाया जा रहा है। योगेश्वर कृष्ण के भगवद गीता के उपदेश अनादि काल से जनमानस के लिए जीवन दर्शन प्रस्तुत करते रहे हैं। जन्माष्टमी भारत में हीं नहीं बल्कि विदेशों में बसे भारतीय भी इसे पूरी आस्था व उल्लास से मनाते हैं। श्रीकृष्ण ने अपना अवतार भाद्रपद माह की कृष्ण पक्ष की अष्टमी को मध्यरात्रि को अत्याचारी कंस का विनाश करने के लिए मथुरा में लिया। चूंकि भगवान स्वयं इस दिन पृथ्वी पर अवतरित हुए थे अत: इस दिन को कृष्ण जन्माष्टमी के रूप में मनाते हैं। इसीलिए श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर मथुरा नगरी भक्ति के रंगों से सराबोर हो उठती है।

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सीमा मिश्र बच्चो के प्रति विशेष भाव रखती हैं, वो चिल्ड्रेन वेलफेयर सोसाइटी की स्थापना कर गरीब बच्चो को अच्छी एजुकेशन दे रही हैं जिसमे वो बतौर अध्यक्षा के रूप में कार्यरत हैं इसके अतरिक्त यूनाइटेड नेशन द्वारा सम्मानित ट्रस्ट स्वर्ण भारत परिवार की वो प्रदेश अध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं, स्वर्ण भारत परिवार की संरक्षक रोशनी ने उनके नृत्य की प्रशंशा आस्ट्रेलिया से फोन करके किया, दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष अजिता सिंह ने सीमा मिश्र की प्रशंशा करते हुए कहा कि मथुरा महोत्सव में उनकी गतिविधियां हमारे परिवार को सम्मानित करती हैं , राष्ट्रीय प्रवक्ता संतोष पांडेय जी ने ट्विटर के माध्यम से यह जानकारी ग्रुप के सभी सदस्यों को प्रदान की। वहीं रंजीत पांडेय विधि सलाहकार ने जन्माष्टमी के दिन इस भव्य कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु धन्यवाद ज्ञापित किया। लखनऊ से दिशा फाउंडेशन की अध्यक्षा वन्दना शुक्ला ने भारतीय संस्कृति कला को आम जनमानस तक पहुचाने की बात कहीं। जबकि स्वर्ण भारत परिवार के राष्ट्रीय अध्यक्ष पीयूष पण्डित ने सीमा के बहुमुखी कला के लिए उनको शुभकामनाएं दी । ज्ञात हो इससे पहले सीमा मिश्र सामाजिक कार्यों हेतु कई सम्मान हासिल कर चुकी हैं , उन्होंने अपनी सफलता और नृत्य कला में प्रोत्साहन के लिए अपने पति डॉक्टर विकास मिश्र को धन्यवाद देते हुए कहा कि हर समय उनके सानिध्य व सहयोग से ही सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमो में भाग ले पाती हूँ।

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