उत्तर प्रदेश में 21 सितंबर से 9 से 12 तक के स्कूल खुलेंगे या नहीं, जानें जवाब

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लॉकडाउन खत्म करने के बाद अब क्लास 9 से 12 तक के स्कूल खोलने की तैयारी है। केंद्र सरकार की तरफ से जारी गाइडलाइन्स और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) को ध्यान में रखकर स्कूल खोले जाएंगे। हालांकि इस पर आखिरी फैसला 15 सितंबर के बाद लिया जाएगा।

यूपी के उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि प्रदेश में कोरोना संक्रमण की स्थितियों में काफी फर्क हैं। हम 15 सितंबर तक स्थिति पर नजर रखेंगे और इसके बाद ही निर्णय लेंगे कि स्कूल खोले जाएंगे या नहीं। बता दें कि गृह मंत्रालय ने 21 सितंबर से शर्तों के साथ कुछ उच्च शिक्षण संस्थानों को खोलने की अनुमति दी है।

केन्द्र सरकार की ये है गाइडलाइन

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स्कूल, कालेजों, कौशल संस्थानों को सेनेटाइज करना जरूरी होगा, इसके बिना स्कूल नहीं खोले जा सकते हैं।
जिस भी स्कूल या कॉलेज या संस्थान को क्वारंटाइन सेंटर बनाया गया था उन्हें विशेष सावधानी बरतनी होगी। उन्हें पूरी तरह से सेनेटाइज करके यह सुनिश्चित करना होगा कि संस्थान संक्रमण रहित हो गया है।
क्लास में कुर्सियां छह फीट की दूरी पर लगाई जाएंगी।
स्कूल या कॉलेज में आने वाले सभी के लिए मास्क पहनना जरूरी होगा।
गेट पर थर्मल स्क्रीनिंग एवं हैंड सेनेटाइ करने के इंतजाम भी करने होंगे।
स्कूलों में 21 सितंबर के बाद सिर्फ 9-12 के छात्रों को शिक्षक से सलाह लेने के लिए स्वेच्छा से जाने की अनुमति है। लेकिन इसके लिए अभिभावकों की लिखित अनुमति होनी चाहिए। जबकि 50 फीसदी शिक्षकों एवं अन्य स्टाफ को स्कूलों में जाने की अनुमति दी गई है। बीमारी कार्मिकों एवं गर्भवती महिला कार्मिकों को जाने की मनाही है।
स्कूलों में शिक्षक वहीं से आनलाइन कक्षाएं शुरू कर सकेंगे। इस दौरान यदि कुछ छात्र चाहें तो वहां बैठकर भी पढ़ सकते हैं। स्वेच्छा से पढ़ने के इच्छुक छात्रों को शिक्षक अलग-अलग टाइम स्लाट दे सकते हैं।
छात्रों, शिक्षकों के बीच नोटबुक, पेन, पेंसिल आदि की शेयरिंग नहीं की जाएगी।
स्कूलों में प्रार्थनाएं, खेलकूद आदि कार्यक्रम नहीं होंगे। स्कूलों कालेजों में स्वीमिंग पूल आदि भीबंद रहेंगे। सभी शिक्षण संस्थानों को हेल्पलाइन नंबर वह स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के नंबर भी प्रदर्शित करने होगें।
एसी को लेकर भी पूर्व के नियम रहेंगे जो 24-30 डिग्री के बीच रहेगा। कमरों में वेंटीलेशन होना चाहिए।
आरोग्य सेतु एप की बाबत कहा गया है कि जहां तक संभव हो सके, यह फोन में होना चाहिए। थूकने पर सख्त पाबंदी होगी।
कंटेनमेंट जोन के बाहर स्थित स्कूल और शिक्षण संस्थानों को ही खुलने की अनुमति होगी। इस प्रकार जो कार्मिक या छात्र कंटेनमेंट जोन के भीतर रह रहे होंगे, उन्हें स्कूल या कालेज आने की अनुमति नहीं है।
सभी संस्थानों में एक आइसोलेशन रूम भी बनाना होगा जहां जरूरत पड़ने पर संभावित मरीज को रखा जा सके।
स्कूल कोलेजों को मास्क, सेनेटाइजर आदि का भी पर्याप्त इंतजाम करना होगा।

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