यूपी में कैनविज के फर्जीवाड़े का अब होगा भंडाफोड़, हरकत में आए बरेली एसडीएम

कैनविज समूह के फर्जीवाड़े की अब धीरे-धीरे कलई खुलना शुरू हो चुकी है। वर्षों से कैनविज के फर्जीवाड़े की फाइल पर कुंडली मारे बैठे एडीएम सिटी आलोक कुमार एक बार फिर से हरकत में आ गए हैं। उन्होंने शुक्रवार को कैनविज द्वारा ठगी का शिकार हुए मुरादाबाद के नरेश कुमार की शिकायत का संज्ञान लेते हुए उन्हें तलब किया। नरेश सैनी ने कैनविज समूह द्वरा किए गए फर्जीवाडे की परत दर परत जानकारी एडीएम सिटी को दी। एडीएम सिटी के निर्देश पर नरेश सैनी समेत सभी पीडितों ने अपना बयान भी दर्ज करवाया। पीडित नरेश सैनी ने बताया कि एडीएम सिटी आलोक कुमार ने मामले की निष्‍पक्ष जांच कराकर कैनविज समूह के खिलाफ क‍ठोर कार्रवाई का आश्‍वासन दिया है।

वर्ष 2007 से शुरू हुई कैनविज सेल्स एंड मार्केटिंग प्राईवेट लिमिटेड देखते ही देखते कामयाबी की बुलंदियों को छूने लगी। लोगों को अमीर बनाने का सपना दिखाकर उनसे निवेश कराया जाने लगा। हाईप्रोफाइल सेमिनार और चमचमाती कारों की चकाचौंध में अंधे होकर जनता भी कंपनी में धड़ाधड़ निवेश करने लगी। जब तक लोग समझ पाते कि कन्हैया गुलाटी (चेयरमैन ) और आशुतोष श्रीवास्तव (सीईओ) की जोड़ी ने उन्हें सपने दिखाकर लूट लिया है तब तक कैनविज अपना सम्राज्य कई राज्यों में फैलाकर अकूत दौलत बटोर चुकी थी। हालांकि कुछ समझदार लोगों ने ठगी के खिलाफ आवाज भी उठाई तो कैनविज समूह ने अपने  सुर्खियां बनने के साथ-साथ डैमेज कंट्रोल कर खुद को बचा लिया।

Gyan Dairy

नरेश सैनी ने अपने दिए बयान में कहा है कि कैनविज कंपनी ने 7650 रुपये से लेकर 10000 रुपये प्रति आईडी के हिसाब से जमा कराए थे एवं चेन सिस्टम के तहत नीचे लोगों को जोड़ने पर कमीशन देने की बात कही थी। नरेश सैनी ने कहा है कि कैनविज कंपनी ने आम जनता को धोखा देते हुए एक रुपया भी कमीशन के तौर पर नहीं दिया. जबकि चंद गिने हुए लोगों को भारी भरकम गाड़ियों के साथ-साथ मोटा कमीशन दिया। उन्होंने अपर जिलाधिकारी से कैनविज कंपनी के परमिट की निष्पक्षता के साथ जांच किए जाने के साथ ही निवेशकों का पैसा लौटाने की मांग भी की है।

Share