योगी के इस फैसले का देवा शरीफ में हुआ बड़ा असर, हो गया ये बड़ा बदलाव!

बाराबंकी : उत्तर प्रदेश की योगी सरकार शराब बंदी को लेकर सख्त रवैया अपनाए हुए हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ का मानना है कि शराब अपराधों और अत्याचारों की जड़ है। शराब हमारे समाज का अभिशाप है। शराब पीने के बाद मनुष्य अपने होशोहवास खो बैठता है और फिर उसे रिश्ते नाते, ऊंच-नीच और सामाजिक मान-मर्यादा का तनिक भी ख्याल नही रहता है। परिवार में अगर मुखिया शराब का सेवन करता हो तो उसका पूरा परिवार बर्बाद हो जाता है। उसके किये की सजा पूरे परिवार को भुगतनी पड़ती है। बच्चों की परवरिश, शिक्षा, भोजन व भविष्य सभी पर ग्रहण लग जाता है।

देवा शरीफ से हटाई गईं शराब की दुकानें

उत्तरप्रदेश की प्रचंड बहुमत वाली योगी सरकार ने जब सूबे की सत्ता संभाली, तो उन्होंने प्रदेश में होने वाले अपराधों और पिछड़ेपन की वजह मुख्य रूप से शराबखोरी को ही माना और तभी से यह समझा जा रहा था कि शराब की बिक्री व अवैध शराब की बंदी के मामले में योगी सरकार कुछ बड़े कदम उठाने जा रही है। योगी सरकार ने सबसे पहले हाइवे पर स्थित शराब की सभी दुकानों को खत्म करने के आदेश जारी कर दिए। क्योंकि लंबी दूरी की यात्रा करने वाले लोग हाइवे पर रुककर शराब खरीद लेते थे और उसका सेवन भी करते थे।

Gyan Dairy

उसी वजह से बड़ी-बड़ी दुर्घटनाएं भी हो जातीं थी। वहीं दूसरी तरफ अब योगी मंत्रिमंडल ने एक फैसला और लिया है कि धार्मिक स्थलों के नजदीक स्थित शराब की दुकाने पूर्ण रूप से बंद कर दी जाएं। क्योकि इससे दूरदराज से दर्शन को आये श्रद्धालुओं को दिक्कत व अभद्रता का सामना करना पड़ता है। इसी क्रम में महान सूफी संत हाजी वारिस अली शाह की दरगाह देवा शरीफ क्षेत्र से सभी शराब की दुकानें हटा दी गईं हैं। शराब की इन दुकानों के हटाए जाने से स्थानीय निवासियों ने राहत की सांस ली है और स्थानीय निवासियों ने सरकार के द्वारा लिए गए इस फैसले का स्वागत किया है।

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