मथुरा: श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद को लेकर जिला अदालत ने जारी किया आदेश, जाने क्या कहा

नई दिल्ली: अयोध्या में रामजन्मभूमि विवाद सुलझने के बाद अब मथुरा श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद को लेकर सुनवाई शुरू हो गयी है। आपको बता दें कि 16 अक्टूबर को जिला जज की अदालत ने याचिका स्वीकार की थी। आज मामले की सुनवाई हुई तो अदालत ने 10 दिसंबर तक के लिए सुनवाई टाल दी है। कोर्ट की तरफ से जारी नोटिस का जवाब दाखिल करने के लिये ट्रस्ट मस्जिद ईदगाह कमेटी, सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड और श्रीकृष्ण जन्मभूमि सेवा संघ ने कोर्ट से समय मांगा। जिसके बाद कोर्ट ने ये आदेश दिया। बता दें कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि की 13.37 एकड़ भूमि के स्वामित्व के मामले में सुनवाई करते हुए जिला जज ने याचिका स्वीकार की थी। इस दौरान कोर्ट ने वादी और प्रतिवादी दोनों पक्षों को अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस दिया था।

भगवान श्रीकृष्ण विराजमान द्वारा अपनी जन्मभूमि पर मालिकाना हक प्राप्त करने के लिए सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में दावा किया गया था, जिसकी सुनवाई में दावा दाखिल नहीं हुआ था। इसके बाद उनके अधिवक्ताओं ने जिला जज की अदालत में दावा पेश किया। जहां इसे स्वीकार कर लिया गया। न्यायालय ने प्रतिवादी श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान सचिव, प्रबंध न्याची श्रीकृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट और ईदगाह ट्रस्ट को प्रतिवादी बनाया था। पिछली तारीख को न्यायालय ने सभी को 18 नवंबर को हाजिर होने के लिए कहा था।

अलग-अलग दायर याचिकाओं में श्रीकृष्ण विराजमान की याचिका को चुनौती देते हुए कहा गया है कि अनावश्यक तौर पर उठाया गया यह मुद्दा शहर में सांप्रदायिक अशांति पैदा कर सकता है। अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा के अध्यक्ष महेश पाठक ने कहा कि हम नहीं चाहते कि राम जन्मभूमि मुद्दे के बाद अब इस मामले को तूल दिया जाये। यहां लोग मंदिर-मस्जिद मुद्दे के बजाय विकास और रोजगार सृजन चाहते हैं। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि यथास्थिति बनी रहे।

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इससे पहले लखनऊ की रंजना अग्निहोत्री व अन्य पांच लोगों ने भगवान श्रीकृष्ण विराजमान की ओर से याचिका दायर की थी। मामले में कोर्ट की ओर से यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड, कमेटी ऑफ मेनेजमेंट ट्रस्ट शाही ईदगाह मस्जिद, श्रीकृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट, श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान को नोटिस जारी किए हैं।

याचिका में शाही मस्जिद को हटाने की मांग करते हुए दावा किया गया था कि मंदिर के 13.37 एकड़ के परिसर में स्थित मस्जिद भगवान कृष्ण के जन्मस्थान पर बनाई गई थी। याचिका को निचली अदालत में खारिज कर दिया गया था, जिसके बाद जिला में याचिका दायर की गई। जिला न्यायाधीश साधना रानी ठाकुर ने 18 नवंबर को मामले की सुनवाई के लिए निर्धारित किया गया है।

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