UA-128663252-1

योगी सरकार के बजट में किसानों के लिए कुछ भी विशेष नहीं : राम गोविंद चौधरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा में सोमवार को बजट पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि योगी सरकार के इस बजट में किसानों के लिए कोई पुख्ता व्यवस्था नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि सरकार के दो दर्जन से अधिक विभाग पिछले बजट का भी पैसा नहीं खर्च कर सके हैं। योगी सरकार के बजट पर बोलते हुए नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने कहा कि प्रदेश में जब से भाजपा सरकार बनी है, समूचे राज्य का जनजीवन तनावग्रस्त हो गया है। चारों तरफ भय का वातावरण बन गया है। महिलाएं न घर में सुरक्षित हैं और न बाहर।

स्कूल जाने वाली बेटियां भयभीत रहती हैं। जब तक घर वापसी नहीं होती उनके घर वाले चिंतित रहते हैं। विकास कार्य अवरुद्ध हो गए हैं। भाजपा सरकार जाति और धर्म के नाम पर समाज को बांटने का कार्य कर रही है। योजनाएं दिवास्वप्न की तरह होती जा रही हैं। उनमें कोई हकीकत नहीं होती है। उन्होंने कहा कि योजनाओं की सार्थकता के लिए हौसले की जरूरत होती है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इस सरकार ने वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए पांच लाख 12 हजार 860 करोड़ 72 लाख का बजट रखा है।

योगी सरकार इसे अब तक का सबसे बड़ा बजट बता रही है, जबकि यह पिछले बजट से कम है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार का पिछला बजट चार लाख 79 हजार 701 करोड़, 10 लाख का था। इस बार का बजट पिछले वर्ष से मात्र 6.46 प्रतिशत अधिक है, जबकि इस दौरान महंगाई दर 7.5 फीसदी है। इस तरह इस बार के बजट का आकार महंगाई दर के सापेक्ष लगभग एक प्रतिशत कम है। उन्होंने कहा कि बजट का आकार रुपये की क्रय शक्ति के आधार पर एक प्रतिशत घट गया है।

Gyan Dairy

उन्होंने यह भी कहा कि पिछले बजट में सरकार ने 21 हजार 212 करोड़ 95 लाख की नई योजनाएं घोषित की थी। वहीं इस वर्ष के बजट में केवल 10 हजार 967 करोड़ 87 लाख की नई योजनाएं हैं। इस तरह सरकार की नई योजनाएं भी 48.3 प्रतिशत कम हैं।चौधरी ने कहा कि यह सरकार अपने पिछले बजट का पूरा पैसा भी खर्च नहीं कर पाई। कहा कि राज्य सरकार के 26 से 27 विभाग ऐसे हैं जिनका पैसा अभी तक खर्च नहीं हुआ है।

उन्होंने कहा कि इस बजट में किसानों के लिए कुछ भी नहीं है। यह सरकार सिर्फ प्रताड़ना के सिवाय कुछ नहीं कर रही है। किसान लगातार आत्महत्या कर रहे हैं। नौकरियों के लिए जो भर्तियां निकाली गई, परीक्षाओं के दौरान पर्चे आउट हो जाते हैं और फिर भर्ती रद्द कर दी जा रही है। सच्चाई यह है कि सरकार युवाओं को नौकरी ही नहीं देना चाहती। उन्होंने कहा कि सपा इस बजट की निंदा करती है। इस बजट का विरोध करती है।

Share