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प्रबंधक ने 40-40 लाख लेकर नियुक्त कराए शिक्षक, बिना स्कूल गए दिया वेतन, अब CM से शिकायत

प्रबंधक ने 40-40 लाख लेकर नियुक्त कराए शिक्षक, बिना स्कूल गए दिया वेतन, अब CM से शिकायत
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उत्तर प्रदेश का तालीम वाला महकमा इन दिनों पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है। अभी फर्जी शिक्षिका अनामिका शुक्ला का मामला ठंडा भी नहीं पड़ा था कि जौनपुर के सहायता प्राप्त स्कूल में दो फर्जी शिक्षकों की नियुक्ति से हड़कंप मच गया है। स्कूल की प्रबंध समिति का आरोप है कि प्रबंधक ने तत्कालीन बेसिक शिक्षा अधिकारी जौनपुर राजेन्द्र सिंह के साथ मिलकर दो फर्जी शिक्षकों की नियुक्ति कर दी। इतना ही नहीं दोनों शिक्षक बीते डेढ़ साल में एक भी दिन स्कूल नहीं पहुंचे। बावजूद इसके हर माह उनका वेतन निकलता रहा।

दरअसल, जौनपुर के पूर्व माध्यमिक विद्यालय बूढ़ूपुर सराय मोहिउदृदीनपुर के संस्थापक और प्रबंध समिति के अध्यक्ष ठाकुर प्रसाद निषाद का आरोप है कि साल 2019 के फरवरी माह में विद्यालय के प्रबंधक बलराम निषाद ने चोरी छिपे दो शिक्षकों वरुण मिश्र और रामपूजन बिंद की नियुक्ति करा दी। ठाकुर प्रसाद निषाद का आरोप है कि दोनों ही नियुक्तियां 40—40 लाख रुपए लेकर नियम विरुद्ध तरीके से कराई गईं। इस फर्जीवाड़े में प्रबंधक बलराम निषाद के साथ ही जौनपुर के तत्कालीन बीएसए राजेन्द्र सिंह भी शामिल थे।

नियुक्ति की जानकारी मिलते ही विद्यालय प्रबंध समिति ने ऐतराज जताते हुए शासन व जिलाधिकारी को शिकायती पत्र भेजा। इसके साथ ही प्रबंध समिति ने साधारण सभा आहूत करके प्रबंधक के विरुद्ध जांच के लिए समिति गठित की। समिति ने जांच में प्रबंधक बलराम निषाद पर लगे 16 आरोप सही पाए। इसके बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की गई।

ठा​कुर प्रसाद का आरोप है कि नियुक्ति के डेढ़ साल पूरे होने को हैं लेकिन दोनों शिक्षक वरुण मिश्र व रामपूजन बिंद एक दिन भी स्कूल नहीं पहुंचे। बावजूद इसके लेखाधिकारी, प्रबंधक व बीएसए की मिलीभगत से दोनों का वेतन आहरित होता रहा। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से प्रबंधक व दोनों शिक्षकों, तत्कालीन बीएसए जौनपुर व लेखाधिकारी पर कार्रवाई की मांग की है।

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