आरटीओ के बार-बार लंबी लाइन लगाने वालों के लिए अच्छी खबर

उत्तर  प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी एक दर्जन से अधिक फिटनेस सेंटर खोले जाएंगे। सेंटर्स खुलने के बाद आरटीओ ऑफिस पर से दबाव काफी कम होगा।

गाडि़यों की फिटनेस के लिए आरटीओ के बार- बार चक्कर व लंबी लाइन लगाने वालों के लिए अच्छी खबर है। अब उन्हें फिटनेस के लिए बार- बार आरटीओ के चक्कर नहीं लगाने होंगे। परिवहन विभाग की देखरेख में प्रदेश भर में पीपीपी मॉडल पर फिटनेस सेंटर स्थापित करने की तैयारी की जा रही है।

प्रदेश में गाडि़यों की बढ़ती संख्या के चलते परिवहन विभाग को यह कदम उठाना पड़ा। प्रदेश के आरटीओ ऑफिस में फिटनेस के लिए रोजाना लगभग 500 से अधिक गाडि़यां पहुंच रही हैं। इसमें स्कूली वैन, एसयूबी से लेकर भारी मोटर वाहन तक शामिल हैं। इन सभी गाडि़यों को आरटीओ ऑफिस निर्धारित समय के लिए फिटनेस सार्टिफिकेट जारी करता है। ऐसे में प्रदेश भर के आरटीओ ऑफिस में गाडि़यों की लंबी लाइनें लग रही हैं। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि सेवन प्लस वन जो भी गाड़ी है उसे हर निर्धारित समय के बाद फिटनेस के लिए आरटीओ कार्यालय जाना होता है। बिना फिटनेस प्रमाण पत्र के ऐसे वाहनों को चलने की छूट नहीं होती है। प्रदेश में परिवहन विभाग के पास अपना कोई भी फिटनेस सेंटर नहीं है, ऐसे में परिवहन विभाग ने अपने पीपीपी मॉडल पर फिटनेस सेंटर खोलने की तैयार की है।

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गाडि़यों के फिटनेस को लेकर लगातार आ रही दिक्कतों को देखते हुए परिवहन विभाग ने प्रदेश में फिटनेस सेंटर्स खोलने का निर्णय लिया है। बता दें कि केंद्रीय परिवहन मंत्रालय से भी इसकी परमीशन मिल चुकी है। हालांकि कुछ दिन पहले ही फिटनेस के नियमों में बदलाव किया गया था। फिटनेस के लिए परिवहन विभाग ने 15 दिन की छूट दी थी। गाड़ी मालिक निर्धारित डेट से 15 दिन पहले कभी भी आरटीओ ऑफिस पहुंच कर फिटनेस सार्टिफिकेट के लिए अप्लाई कर सकते हैं। इसके बावजूद फिटनेस सार्टिफिकेट को लेकर आ रही समस्या कम नहीं हो रही थी। ऐसे में अब परिवहन निगम ने प्रदेश भर में पीपीपी मॉडल पर फिटनेस सेंटर बनाने की तैयार की है। 

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