यूपी : वाराणसी में सनबीम ग्रुप की आयी शामत, कंपनी के चंगुल से मुक्त होंगी सरकारी जमीनें

यूपी के वाराणसी में सरकारी जमीनों पर कब्जा कर सनबीम ग्रुप खड़ा किया गया. इन सरकारी जमीनों में तालाब और नाले की भी जमीनें शामिल हैं. दरअसल सीएम योगी सरकार के आदेश पर वाराणसी में भूमि माफियाओं को चिन्हित करने का काम शुरू हो गया है. अभी तक जिला प्रशासन ने भू-माफियाओं की लिस्ट जारी की है. इस लिस्ट में कुछ चौंकाने वाले नाम भी सामने आए हैं, जिसमें सनबीम ग्रुप समूह के चेयरमैन भू-माफियाओं की लिस्ट पहले स्थान पर हैं.जिला प्रशासन के मुताबिक सनबीन ग्रुप के चेयरमैन दीपक मधोक भू-माफियाओं की सूची में पहले स्थान पर है. आरोप है कि दीपक मधोक ने अपने सनबीम ग्रुप का सारा साम्राज्य सरकारी जमीनों पर खड़ा किया है.जिसके चलते आने वाले समय में दीपक मधोक की मुश्किल बढ़ सकती हैं.

जिला प्रशासन ने ना सिर्फ उन्हें चिन्हित भू-माफियाओं की श्रेणी में शामिल किया बल्कि नंबर-1 पर रखा है. सूची में पूर्व बीएसपी नेता अमीरचंद पटेल का नाम भी शामिल है. जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र के अनुसार चिन्हित किए गए भू-माफियाओं ने 7.76 हेक्टेयर भूमि पर कब्जा किया है. जिले में कुल 305 अतिक्रमण करने वालों की संख्या सामने आयी है.

कचहरी स्थित भीमनगर, लहरतारा और करसड़ा स्थित सनबीम स्कूल की जमीन विवादित है. बता दें कि सनबीन ग्रुप के तीनों स्कूल इसके पहले भी जांच के दायरे में रहे हैं. लेकिन दीपक मधोक के रुतबे के आगे जिला प्रशासन हर बार नतमस्तक होता रहा है. लेकिन योगी सरकार में उनकी दाल नहीं गल रही है.

इन अतिक्रमण कर्ताओं ने 25.29 हेक्टेयर भूमि पर कब्जा कर रखा है. अब तक 15.85 हेक्टयर भूमि को छुड़ाया गया. भूमाफियाओं के खिलाफ प्रशासन पूरी सख्ती से काम करेगा. प्रशासन ने चिन्हित भू-माफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के संकेत दे दिए हैं. गौरतलब है कि सीएम योगी ने 25 अप्रैल को एंटी भू-माफिया टास्क फोर्स बनाने की घोषणा की थी. इसके बाद प्रत्येक जिले में यह टास्क फोर्स का गठन किया गया है.

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जिले के 49 भू माफियाओं की लिस्ट में नंबर 1 पर मौजूद सनबीम ग्रुप के चेयरमैन दीपक मधोक की परेशानी अब और बढ़ सकती है. सनबीम ग्रुप के कचहरी स्थित सनबीम वरुणा, लहरतारा स्थित सनबीम लहरतारा और सनबीम की करसड़ा स्थित स्कूल तीनों इसके पहले भी जांच के दायरे में रहे हैं.दीपक मधोक के रुतबे के आगे जिला प्रशासन हर बार नतमस्तक होता आया है. योगी सरकार में जिला प्रशासन ने सिर्फ उन्हें चिन्हित भू-माफियाओं की श्रेणी में ही नहीं शामिल किया बल्कि नंबर-1 पर रखा है. जिला प्रशासन की ये कार्रवाई दीपक मधोक के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है.

इस संबंध में वाराणसी के जिलाधिकारी योगेश्‍वर राम मिश्रा ने कहा कि ‘हमारे लिए नाम ज्‍यादा महत्‍व नहीं रखता, यदि अवैध कब्ज़ा है तो उसे मुक्त कराना हमारी प्राथमिकता है और यदि इसमें कोई अड़चन डालता है तो उसपर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी. उन्‍होंने कहा कि राजकीय सम्पतियों पर हुए अवैध कब्ज़ें चिह्नित करके खाली कराए जाएं, यही शासन की प्राथमिकता है. डीएम ने आश्‍वस्‍त किया कि जल्‍द ही वाराणसी को भू-माफियाओं के चंगुल से मुक्‍त कराया जाएगा.डीएम ने बताया कि सार्वजनिक स्थलों पर और निजी भूमि पर भी कोई बल पूर्वक या अभिलेखों में कूट रचना कर कब्ज़ा करता है या करवाता है ऐसे लोगों का चिन्हीकरण का कार्य किया जा रहा है. कई लोगों का किया भी गया है.

इस सूची में पूर्व बीएसपी नेता अमीरचंद पटेल का नाम भी शामिल है. जिला प्रशासन ने चिन्हित भू-माफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए हैं. मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने 25 अप्रैल को एएलएमटीएफ बनाने की घोषणा की थी. प्रत्येक जिले में इस टास्क फोर्स का गठन किया गया था. इसी के आधार पर ये कार्रवाई शुरू हुई. फिलहाल जिला प्रशासन के अनुसार चिन्हित किए गए भू-माफियाओं ने 7.76 हेक्टेयर भूमि पर किया है. बताया जाता है कि जल्दी ही अन्य भू-माफियाओं की भी सूची जारी की जाएगी.

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