आडवाणी का मस्जिद शहीद करने में था बहुत बड़ा हाथ, अदालत ने किया इंसा

अयोध्या : बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा फैसला देते हुए भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को बड़ा झटका दिया है। निर्णय में कोर्ट ने कहा है कि बीजेपी नेताओं पर आपराधिक साजिश का मुकदमा चलेगा। सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल चलाने की भी मंजूरी दी है। लालकृष्ण आडवाणी सहित अन्य को ट्रायल का सामना करना होगा।

सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस फैसले जिसमें लालकृष्ण आडवाणी सहित अन्य को दोषमुक्त किया गया था को पलटते हुए बुधवार को यह महत्पूर्ण फैसला दिया। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले पर दोनों पक्षों के नुमाइंदों ने अलग-अलग प्रतिक्रिया दी है। एक तरफ जहां मुस्लिम पक्ष ने इस निर्णय का स्वागत किया है तो वहीं हिन्दू पक्ष ने इस मामले में राहत देने की मांग उठाई।

अदालत के फैसले का सम्मान

राम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष व मणिरामदास छावनी के श्रीमहंत नृत्यगोपाल दास जी महाराज ने कहा कि बाबरी विध्वंस स्वतः स्फूर्त प्रक्रिया थी। इसमें किसी की साजिश नहीं थी। फिर भी अदालत ने जो फैसला दिया है उसे तो मानना ही पड़ेगा। वहीं अयोध्या मामले के पक्षकार हाजी महबूब ने अदालत का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि हमें पूरी उम्मीद थी कि अदालत इंसाफ करेगी। आडवाणी का मस्जिद शहीद करने में बहुत बड़ा हाथ था। आडवाणी, उमा भारती, कल्याण सिंह, मुरली मनोहर जोशी मुल्क को बर्बाद करने में तुले थे। कल्याण सिंह उस समय मुख्यमंत्री थे, उन्होंने एक ऐफीडिबेट दिया था कि बाबरी मस्जिद की देखभाल करूंगा। लेकिन वे मुकर गये और बाबरी मस्जिद शहीद की गई। ये सब दोषी हैं। कारसेवा इन्हीं के इशारे पर हुई। अयोध्या की गंगा-जमुनी तहजीब को इन्होंने बर्बाद किया है। इस मामले में आरोपित संवैधानिक पदों पर हैं, उन्हें इस्तीफा भी देना चाहिए।

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फैसले का स्वागत

मुद्दई बाबरी मस्जिद इकबाल अंसारी ने भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि अदालत के इस निर्णय से लोकतंत्र में विश्वास मजबूत होगा। बाबरी विध्वंस मामले में आरोपितों के विरूद्ध मुकदमा अवश्य चलना चाहिए। अयोध्या मामले के पक्षकार महंत धर्मदास ने कहा कि कोर्ट के फैसले का हम सभी को आदर करना चाहिए। हम सभी मिलकर मस्जिद बनाएंगें। उन्होंने विश्वास दिलाया कि जिस दिन मंदिर निर्माण शुरू होगा। उसमें मुस्लिम भाई भी ईंट रखेंगें।

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