बांदा जेल में छूटे मुख्‍तार के पसीने, कोर्ट से कहा- जेल मैनुअल के मुताबिक नहीं मिल रही सुविधाएं, रखी ये डिमांड

मऊ। पूर्वांचल के बाहुबली विधायक मुख्‍तार अंसारी को बांदा जेल में काफी तकलीफ हो रही है। मंगलवार को मुख्तार अंसारी की वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से मऊ की कोर्ट में पेशी हुई। मुख्‍तार अंसारी ने कोर्ट से कहा कि उसे कमर में दर्द की शिकायत है। लिहाजा उसे तकिया, तख्‍त और कुर्सी के साथ ही फिजियोथेरेपिस्‍ट उपलब्‍ध कराया जाए। मुख्तार अंसारी ने कहा कि बांदा जेल में उसे जेल मैनुअल के हिसाब से सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। मुख्तार का पक्ष सुनने के बाद कोर्ट ने जेल प्रशासन को आदेश कि मुख्‍तार को जेल मैनुअल के हिसाब से सुविधाएं दी जाएं। करीब एक घंटे तक पेशी के बाद कोर्ट ने गैंगस्टर के मामले में मुख्तार की जुडिशियल रिमांड मंजूर करते हुये पेशी की अगली तारीख 11 जून तय की है।

मुख्‍तार अंसारी की मंगलवार को मऊ सीजेएम कोर्ट में पेशी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए की गई। यह पेशी फर्जी शस्त्र लाइसेंस के मामले में की गई। इस मामले में मुख्‍तार अंसारी को साजिशकर्ता बनाया गया है। मऊ के दक्षिणटोला थाने में 5 जनवरी 2020 को मुख्तार अंसारी के लेटर पैड पर तीन लोगों इसराइल अंसारी, अनवर सहजाद और सलीम के नाम से शस्त्र लाइसेंस की जांच शुरू की गई। जांच में तीनों के नाम और पते फर्जी पाए पाए गए। ऐसे में थाने में मुख्तार अंसारी समेत तीनों को आरोपित बनाकर धोखाधड़ी समेत कई मामलों में केस दर्ज किए गए थे। सीजेएम कोर्ट में मुख्तार को साजिशकर्ता के रूप में वांछित के तहत केस चल रहा है। इसी केस में कोर्ट में मुख्तार की पेशी कराई गई।

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पेशी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से दोहपर साढ़े 12 बजे शुरू हुई। डेढ़ बजे तक पेशी चली। इसमें जेल अधीक्षक समेत अन्य अधिकारियों के समक्ष मुख्तार ने कमर में दर्द और अन्य परेशानियों की शिकायत की। कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर मेडिकल बोर्ड बना था। जिसने जांच कर कमर में दर्ज और अन्य परेशानियों से निजात पाने के लिये कुर्सी, तख्त और फिजियोथेरेपिस्ट की अनुशंसा की थी लेकिन जेल प्रशासन उपलब्ध नहीं करा रहा है। इस पर अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश व गैंगस्टर कोर्ट के प्रभारी रामराज द्वितीय ने जेल अधीक्षक को जेल मैनुअल के अनुसार सुविधाएं उपलब्ध कराने का आदेश दिया।

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