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यूपी के लोगों को 31 मई के बाद मिल सकती हैं रियायतें, शुरू होंगी ये सेवाएं और व्यापार!

यूपी के लोगों को 31 मई के बाद मिल सकती हैं रियायतें, शुरू होंगी ये सेवाएं और व्यापार!
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नई दिल्‍ली: देश में 31 मई को लॉकडाउन का चौथा चरण पूरा होने जा रहा है। हालांकि इसके आगे भी लॉकडाउन बढ़ेगा या नहीं इस बारे में केंद्र सरकार की तरफ से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। लेकिन सूत्रों ने बताया है कि यूपी में लगातार कोरोना के मामले बढ़े हैं, लेकिन इसके बाद भी प्रदेश सरकार कुछ औऱ रियायते देकर अर्थव्‍यवस्‍था को पटरी पर लाने की जुगत में लगी हुई है। जिसमें 1 मई से प्रदेश में क्‍या खोला जाना चाहिए और क्‍या नहीं सरकार इसके लिए अधिकारियों के साथ रुपरेखा तैयार कर रही है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सरकार सार्वजनिक परिवहन को शुरू करने पर गंभीरता से विचार कर रही है। लॉकडाउन के चौथा चरण में सरकार ने काफी हद तक रियायते भी दी हैं। सरकारी दफ्तर और निजी कार्यालय के कर्मचारियों की सीमित संख्या के साथ शुरू किए गए, कुछ बाजार भी खुले। कारोबारियों को थोड़ी राहत भी मिली, लेकिन चौथा चरण समाप्त होने के बाद सरकार कुछ औऱ रियायते देने पर विचार कर रही है।

1 जून से मिल सकती हैं ये छूट

सबसे अहम फैसला सार्वजनिक परिवहन को लेकर किया जाएगा।
यूपी सरकार सार्वजिनक परिवहन के तहत रोडवेज की बसों औऱ मेट्रो सेवा को शुरू कर सकती है। हालांकि सोशल डिस्टेसिंग का पालन करना होगा।
आटो पर एक सवारी औऱ बसों पर एक सीट पर एक सवारी को बैठने की इजाजत दी जा सकती है।
इसके अलावा मेट्रो में भी यात्रियों की संख्या सीमित करने पर विचार चल रहा है।
सरकार प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवाने वाले शिक्षण संस्थानों औऱ विश्‍वविद्यालों को खोलने की अनुमति दे सकती है। हालांकि इसमें भी छात्रों की संख्या सीमित रखने और अलग-अलग दिन अलग-अलग क्लासेज शुरू की जा सकती है।
पोलेट्री से जुड़े कारोबार औऱ मीट व्यापारियों को भी रियायत मिलने की संभावना है। माना जा रहा है कि पोलेट्री का उघोग इन 60 दिनों में बर्बादी की कगार पर पहुंच गया है। इसलिए इसे कुछ बंदिशों के साथ खोलने की इजाजत दी जा सकती है।
इसके अलावा धार्मिक स्थलों को भी कुछ मानकों को पूरा करने के साथ खोलने की अनुमति दी जा सकती है।
होटल कारोबार को भी काम करने की इजाजत मिल सकती है, लेकिन रेस्त्रां और बार फिलहाल बंद ही रखे जाएंगे।
हालांकि इन तमाम बिंदुओं पर सरकार अपने अधिकारियों के साथ मंथन कर रही है, लेकिन अंतिम फैसला केंद्र सरकार की एडवायजरी आने के बाद ही लिया जाएगा।

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