यूपी: बुलंदशहर में 31 साल पुरानी रंजिश में परिवार पर 40 राउंड फायरिंग, युव​क की मौत

बुलंदशहर। यूपी के बुलंदशहर में 31 सालों से जारी खूनी रंजिश में रविवार को एक बार फिर धनोरा गांव गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठा। पुलिस ने बताया कि धनोरा गांव निवासी धर्मपाल अपनी कार से पशुओं का चारा लेकर पत्नी रविंद्री, दो बेटे संदीप और जितेंद्र, सुरक्षा गार्ड पुष्पेंद्र के साथ खेतों से घर लौट रहे थे। गांव के अंदर घुसते ही पहले से घात लगाकर बैठे बदमाशों ने उनपर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। बदमाशों ने धर्मपाल के परिवार पर करीब 40 राउंड फायरिंग की और मौके से फरार हो गये। इस गोलीबारी में कार सवार धर्मपाल को दो गोली, बेटे संदीप के सिर में, सुरक्षा कर्मी पुष्पेन्द्र के पेट और हाथ में गोली लग गई। इस हमले में गांव के राहगीर पवन पुत्र इंदर को गोली लगी। इसके तुंरत बाद सभी को अस्पताल ले जाया गया जहां संदीप की मौत हो गई।

पुलिस ने बताया कि धनोरा में दो पक्षों के बीच नब्बे के दशक से शुरू हुए खूनी संघर्ष में अब तक 14 लोगों की जान जा चुकी हैं। 1990 में होली के मौके पर खूनी संघर्ष में एक पक्ष के सन्नू, इंदर, महेंद्र व रामवीर को मौत के घाट उतार दिया गया। वहीं, दूसरे पक्ष से वीरपाल, वेदपाल, तेजपाल, अगम को मौत के घाट उतार दिया गया। इसके बाद 2005 में श्रृंगारी देवी, नीरज, रविंद्र, जगपाल कालीचरण की हत्या कर दी गई। इन हत्याओं में पांच लोग आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। वहीं, अब रविवार को हुई ताबड़तोड़ फायरिंग में संदीप की जान चली गई।

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वहीं रविवार को हुई इस घटना को लेकर पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मौके पर एडीजी, आईजी ने पहुंचकर घटना की जानकारी ली। एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि गांव धनोरा में हुए हमले की घटना के पीछे दो पक्षों में चली आ रही रंजिश सामने आई है। घटना में युवक संदीप की मौत हो गयी है। मामले की गहनता से जांच की जा रही है। मामले को लेकर चार टीमें बनाई गई हैं, दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। फायरिंग में धर्मपाल को दो, संदीप को सिर में, सुरक्षा गार्ड पुष्पेन्द्र को पेट और बाजू में तथा वहां से गुजर रहे गांव निवासी पवन पुत्र इंदर को गोली लगी।

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