यूपी: कोरोना पॉजिटिव महिला ने दिया बेटे को जन्म, बच्चे को सिर्फ एक बार देख सकी मां

लखनऊ । मेरठ में शुक्रवार को कोरोना संक्रमित रजबन निवासी गर्भवती महिला ने मेडिकल अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया है। पांच दिन बाद नवजात की कोरोना जांच कराई जाएगी। नवजात को चिकित्सकों ने परिजनों को सौंप दिया है। बच्चे के जन्म लेने से परिवार में खुशी है, लेकिन नवजात की मां को लेकर वह चिंतित भी हैं।

मेडिकल अस्पताल की टीम ने कोरोना संक्रमित महिला की सिजेरियन डिलीवरी कराई। महिला ने बेटे को जन्म दिया। चिकित्सकों ने महिला को अलग कमरे में आइसोलेशन में रखा है। बच्चे को परिजनों को सौंप दिया है। वहीं, दो से तीन तीन बाद महिला को कोविड-19 के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया जाएगा। उधर, मां अपने बेटे का चेहरा चंद पल ही देख सकी। नवजात में किसी प्रकार का संक्रमण न फैले इसलिए उसे तुरंत ही रिश्तेदारों को सौंप दिया गया।

रजबन निवासी गर्भवती महिला के कोरोना पॉजिटिव सामने आने के बाद मंगलवार को मेडिकल में भर्ती कराया गया था। इससे पहले महिला का एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। लैब से रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई तो उसे मेडिकल में भर्ती कराया गया। महिला के पति, देवर समेत परिवार के अन्य सदस्यों को क्वारंटाइन किया गया है। गुरुवार रात प्रसव पीड़ा होने पर चिकित्सकों ने तैयारी शुरू कर दी थी। गायनिक विभागाध्यक्ष डॉ. अभिलाषा गुप्ता के निर्देशन में महिला की डिलीवरी कराई गई। डिलीवरी सिजेरियन हुई। सुबह महिला ने बेटे का जन्म दिया।

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मेडिकल अस्पताल के गायनिक वार्ड की टीम ने बताया कि डिलीवरी के दौरान डाक्टरों ने पूरी सावधानी बरती। चिकित्सकों की टीम पीपीआई किट पहनकर ऑपरेशन थियेटर में पहुंची। मेडिकल प्राचार्य डॉ आरसी गुप्ता ने बताया कि बच्चा पूरी तरह सुरक्षित है। नवजात की रिपोर्ट अभी नहीं आई है। महिला का दो तीन दिन बाद कोविड 19 टेस्ट किया जाएगा। मां अपने बेटे का चेहरा चंद पल ही देख सकी। नवजात में किसी प्रकार का संक्रमण न फैले इसलिए उसे तुरंत ही रिश्तेदारों को सौंप दिया गया।

स्त्री प्रसूति रोग विभाग मेडिकल कॉलेज की हेड ऑफ डिपार्टमेंट अभिलाषा गुप्ता ने बताया कि यह पहली बार था जब किसी कोरोना पॉजिटिव गर्भवती महिला का ऑपरेशन किया गया। महिला की पहली डिलीवरी ऑपरेशन से हुई, इसलिए दूसरा ऑपरेशन कर बच्चे को सुरक्षित किया गया। इस ऑपरेशन में जो टीम लगी थी अब सात दिन तक कोरोना वार्ड में कोरोना पॉजिटिव आनी वाली गर्भवती महिलाओं का इलाज करेगी। इसके बाद यह टीम क्वारंटाइन में चली जाएगी। इसी तरह एक सप्ताह अलग-अलग टीम कोरोना पॉजिटिव वार्ड में काम करेगी।

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