यूपी: लखनऊ में रेमडेसिविर की कालाबाजारी कर रहा था लोहिया का डॉक्टर, साथियों सहित गिरफ्तार

लखनऊ। कोरोना काल में रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी थमने का नाम नहीं ले रही है। लखनऊ कमिश्नरेट पुलिस ने बुधवार को रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी में लोहिया अस्पताल के जूनियर डाक्टर समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों में जूनियर डाक्टर के साथ ही केजीएमयू के दो संविदाकर्मी और तीन निजी अस्पतालों के कर्मचारी शामिल हैं। पुलिस का दावा है कि आरोपित लोहिया अस्पताल और केजीएमयू के स्टाक से इंजेक्शन चोरी करके उसकी कालाबाजारी करते थे। पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर ने गिरफ्तारी की टीम में शामिल पुलिस कर्मियों को 20 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।

डीसीपी पश्चिम देवेश कुमार पांडेय के मुताबिक गिरफ्तार आरोपितों का सरगना राम मनोहर लोहिया अस्पताल का जूनियर डाक्टर वामिक हुसैन है। जूनियर डॉक्टर मूलरूप से आगरा के बाह का रहने वाला है। वह लखनऊ में हरदोई रोड स्थित नारायण गार्डन में रहता है। वहीं केजीएमयू इमरजेंसी मेडिसिन में संविदाकर्मी मोहम्मद आरिफ वार्ड ब्वाय निवासी हरदोई टडियांवा हरैई हाल पतात भूवर फाटक के पास ठाकुरगंज, मोहम्मद इमरान निवासी ख्यालीगंज कैसरबाग, राजेश कुमार निवासी इटौंजा रायपुर राजा (सर्जिकल ग्रुप में सेल्समैन), मोहम्मद राबिक निवासी आजमगढ़ बैहरीडीह (मेडिकल फर्म की फ्रेंचाइजी के मालिक), बलवीर सिंह निवासी हंस विहार चिनहट मूल अयोध्या पुराबाजार जलालुद्दीन नगर (फार्मासिस्ट चिनहट हास्पिटल एवं ट्रामा सेंटर) है।

एडीसीपी पश्चिम राजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि यह लोग केजीएमयू, लोहिया अस्पताल से ब्लैंक फंगस और रेमडेसिविर इंजेक्शन निकालते थे। इसके बाद निजी अस्पताल के कर्मियों की मदद से उनकी कालाबाजारी करते थें। ब्लैंक फंगस और रेमडेसिविर इंजेक्शन 20-25 हजार रुपये के दाम में बेचते थे।

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इंस्पेक्टर वजीरगंज धनंजय पांडेय ने बताया कि गिरोह के लोग वाट्सएप काल पर एक दूसरे से और ग्राहकों से बात करते थे। मुखबिर की सूचना पर गिरोह के सरगना आरिफ का नंबर मिला। उससे पुलिस कर्मियों ने ग्राहक बनकर बात की। जिसके बाद यह लोग फंसते चले गए। सर्विलांस की मदद से इनकी काल डिटेल्स खंगाली गई। इसके बाद कालाबाजारी करने वालों की कड़ी से कड़ी जुड़ती गई। फिर कई पुलिस कर्मियों को इसमें लगाया गया। उन्हें इंजेक्शन की खरीदारी का झांसा देकर बुलाया गया। इसके बाद पकड़ लिया गया। गिरोह के पास से 28 लाइपोजोमल एम्फोटेरिनसिन-बी ब्लैंक फंगस के इंजेक्शन, 18 रेमडेसिविर इंजेक्शन बरामद हुए हैं।

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