यूपी: मायावती का बड़ा बयान,कहा- बीजेपी की सरकार में ब्राम्हण त्रस्त, बसपा सत्ता में आई तो होगी जांच

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव तो अगले साल यानी 2022 में होने हैं, लेकिन सियासी पारा अभी से चढ़ने लगा है। इसी क्रम में प्रदेश के 74 जिलों में विचार संगोष्ठी (प्रबुद्धजन सम्मेलन) करके सियासी हलचल पैदा कर चुकी बहुजन समाज पार्टी ने मंगलवार को एक और बड़ा दांव खेल दिया। पूर्व मुख्यमंत्री और बसपा मुखिया मायावती ने मंगलवार को लखनऊ में ब्राह्मण प्रबुद्ध सम्मेलन को संबोधित किया। इस मौके पर मायावती ने कहा कि बीजेपी की सरकार में ब्राम्हणों का उत्पीड़न हो रहा है।

इस सम्मेलन में मायावती ने कहा कि बीजेपी की सरकार के दौरान ब्राह्मणों पर जो एक्शन हुआ है। बसपा सरकार आने पर उसकी जांच कराई जाएगी। जो अधिकारी दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।बसपा सुप्रीमो ने कहा कि साल 2012 में सपा ने सत्ता में आकर यूपी का माहौल बिगाड़ा। इसके बाद 2017 में लोग बीजेपी के वादों मे आ गए। अब ब्राम्हण समाज के लोग भाजपा से मुक्ति पाना चाहते हैं। मायावती ने आगे कहा कि बसपा सर्वजन हिताय-सर्वजन सुखाय की सोच पर चलने वाली पार्टी है। इसलिए हमारी कथनी-करनी में कोई अंतर नहीं होता है। मायावती ने कहा कि हर विधानसभा क्षेत्र में 1000 ब्राह्मण कार्यकर्ताओं को तैयार करना है और सभी को एकजुट करके चलना है।

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बता दें कि बसपा मुखिया मायावती ने लम्बे अंतराल के बाद मैदान में उतरकर बसपा की विचार संगोष्ठी को संबोधित किया। मायावती 2019 लोकसभा चुनाव के बाद पहली बार पहली बार सार्वजनिक कार्यक्रम के मंच पर मौजूद रहीं। बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा ने 23 जुलाई को रामनगरी अयोध्या से सम्मेलन की शुरुआत की थी। लखनऊ में आज पार्टी कार्यालय में मायावती ने इसका समापन किया।

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