यूपी: मुर्गों की लड़ाई में लगा रहे थे लाखों की बाजी, पुलिस ने 40 को दबोचा

बागपत। उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में मुर्गों की लड़ाई में सट्टा लगाते हुए 40 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए लोगों के कब्जे से एक लाख 32 हजार 560 रुपये, चार तमंचे, कारतूस, चार चाकू, नौ मुर्गे, 35 मोबाइल, एक बिना नंबर की स्कार्पियो बरामद हुई है। पुलिस के मुताबिक रविवार रात मुखबिर से सूचना मिली कि सोंटी गांव के जंगल में मुर्गों की लड़ाई में लाखों रुपयों की बाजी लगाई जा रही है। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 40 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।

मुर्गों की लड़ाई के लिए सप्ताह में एक बार बाजार भी लगती है। मुर्गा लड़ाई के शौकीनों की प्रतिष्ठा मुर्गे से जुड़ी होती है। लिहाजा मुर्गे को बड़े जतन से पाला जाता है। मुर्गे के मालिक अपने मुर्गे को जंगलों में मिलने वाली जड़ी बूटियां खिलाते हैं जिससे उसकी स्फूर्ति और वार करने की क्षमता बढ़ जाती है। मुर्गे को हिंसक बनाने के लिए गौर (बायसन) का पित्त भी खिलाया जाता है। साप्ताहिक बाजार के एक हिस्से में गोल घेरा बनाकर मुर्गों की लड़ाई कराई जाती है, इस जगह को कुकड़ा गली कहते हैं।

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इस बाजार में दूर-दूर के गांवों से लोग विशेष रूप से प्रशिक्षित मुर्गे लेकर पहुंचते हैं। लड़ाई शुरू होने से पहले मुर्गे के पैर में धागे की मदद से छुरी बांध देते हैं। इस छुरी से मुर्गा प्रतिद्वंदी पर वार करता है, प्रतिद्वंदी मुर्गे की मौत के बाद ही खेल खत्म माना जाता है।

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