लापता 24 बच्चों को नहीं ढूंढ पाई UP पुलिस, मगर DM का कुत्ता 24 घंटे में खोज लिया

पी सरकार में मंत्री आज़म खान के खास पूर्व डीएम का कुत्ता क्या खो गया, जिले के पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। हैरान कर देने वाली बात ये रही है कि पुलिस ने मामले को इतनी गंभीरता से लिया कि 24 घंटे के अंदर कुत्ता ढूंढ लिया है, ये बात और है कि जिले में कई बच्चे लापता हैं और उन्हें ढूंढने के लिए पुलिस के प्रयास नाकाफी हैं।

अब आपको मामला बताते हैं। पूर्व डीएम अमित किशोर का जर्मन शेफर्ड पालतू कुत्ता जोजो खो जाने पर पुलिस ने जमीन से पाताल तक खोजी अभियान चलाकर 24 घंटे के अन्दर जोजो को खोज निकाला। मामला ‘VIP कुत्ते’ से जुड़ा होने की वजह से पुलिस अपने इस गुडवर्क को कुबूल करने को तैयार नहीं है।

कुत्ते को ढूंढने की पुलिस की मेहनत सराहनीय है, इस तरह की मेहनत पुलिस पहले भी कर चुकी है, तब आज़म खान की भैंस खो गई थी, तब जिले की पुलिस के हाथ पांव फूल गए थे, भैंस को ढूंढ निकाला गया था।

चुनावी समर के दूसरे चरण के मतदान के बाद चार दिन पहले रामपुर के डीएम अमित किशोर को चुनाव आयोग ने स्थानान्तरित कर दिया। स्थानान्तरण के बाद हालांकि अमित किशोर तो जिला छोड़कर चले गये लेकिन उनका ढाई फुट उंचा पालतू जर्मन शेफर्ड कुत्ता जोजो यहीं रह गया, जिसको डीएम अमित किशोर सीडीओ के आवास में अमानत के तौर पर छोड़ गये। उनके जाने के बाद जोजो को सीडीओ आवास से किसी ने 24 फरवरी को चोरी कर लिया।

लखनऊ में अपर मुख्य चुनाव अधिकारी बनाये गये रामपुर के पूर्व डीएम अमित किशोर सरकार के कद्दावर मंत्री आजम खां के बेहद करीबी माने जाते हैं। रामपुर में उनकी तैनाती सीडीओ के तौर पर हुई थी और सीडीओ से उन्हें डीएम प्रोन्नत किया गया था। डीएम अमित किशोर आजम खां के साथ जापान दौरे पर भी गये थे।

Gyan Dairy

इस प्रकरण की तहरीर सिविल लाइंस थाने में जोजो के हुलिये के साथ दी गई। नतीजतन प्रशासनिक अमले के साथ साथ भारी पुलिस बल भी जोजो को ढूंढने में जुट गया लेकिन ढूंढने में कामयाबी नहीं मिली। आखिरकार 25 फरवरी को अज्ञात चोर के खिलाफ कुत्ता चुराने की तहरीर पीआरडी जवान ने थाना सिविल लाइंस में दी जिसपर मामला दर्ज किया गया। भारी दबाव के चलते पुलिस ने रात दिन एक कर दिया और जोजो को आखिरकार ढूंढ निकाला। पुलिस इसका श्रेय लेने को तैयार नहीं है। कुत्ते की बरामदगी खुद होना करार दे रही है।

डीसीआरबी के आंकड़े बताते हैं कि जिले में पिछले कई सालों से दो दर्जन से ज्यादा मासूम बच्चे अपने मां बाप से बिछड़ गये हैं, जिनका आज तक कोई अता पता नहीं है। सुप्रीम कोर्ट से मासूमों को ढूंढने के सख्त आदेश आने के बावजूद भी जिले की पुलिस खोये हुए बच्चों को ढूंढने में नाकाम रही है।

जोजो का मामला डीएम अमित किशोर से जुड़ा हुआ है, इसलिए पुलिस अपने इस गुडवर्क को मानने को तैयार नहीं है। पुलिस के मुताबिक, कुत्ता खुद ही थाना सिविल लाइंस के पनवड़िया क्षेत्र में मिल गया हालांकि पुलिस ने अभी तफ्तीश को बंद नहीं की है और इसकी जांच पड़ताल में जुटी हुई है।

वीआईपी भैंसें, मुर्गियां और कुत्ते ढूंढने में पुलिस ने जो कीर्तिमान स्थापित किये हैं, ये तत्परता मासूमों को ढूंढने में नहीं दिखाई गई।

Share