UP: चित्रकूट में साधु वेश में छिपा था विकास का गुर्गा, पुलिस ने दबोचा

कानपुर। उत्तर प्रदेश (UP)  के कानपुर में सीओ सहित आठ पुलिसकर्मियों की हत्या का मुख्य आरोपी विकास दुबे तो एसटीएफ के हाथों मुठभेड़ में ढेर हो गया लेकिन उसके साथी फरार हो गए थे। पुलिस भागे बदमाशों को खोज कर गिरफ्तार कर रही है। इसी कड़ी में मंगलवार को पुलिस ने चित्रकूट के कामता नाथ मंदिर में साधू बनकर रह रहे विकास दूबे के साथी बालगोविंद दुबे को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने इस पर पचास हजार का इनाम रखा था।

बाल गोविंद दुबे घटना के बाद से ही फरार चल रहा था। वह बचने के लिए भगवा कपड़े पहनकर साधु बन गया था। लेकिन पुलिस को इसकी भनक लग गई थी। वैसे बताया तो यह भी जा रहा है कि इसकी मुखबिरी कुछ दिन पहले सरेंडर किए उमाकांत शुक्ला ने की थी। उमाकांत ने ही पुलिस को बताया था कि बालगाेविंद भी सरेंडर करना चाहता है और वह चित्रकूट में छूपा है। यह जानकारी मिलते ही पुलिस एक्टिव हो गई और साधू के वेष में छूपे बालगोविंद को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पकड़ कर उसे कानपुर के चौबेपुर थाने लाई और सीएचसी में उसका मेडिकल कराया गया है।

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इससे पहले पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने जेल में बंद उसके गुर्गे राम सिंह यादव से जेल में जाकर पूछताछ कर उसके बयानों की रिकार्डिंग की है। पूछताछ में उसने पुलिस को बहुत सी अहम जानकारियां देने के अलावा शहर के कई लोगों के नाम भी बताए हैं। राम सिंह ने पुलिस औस एटीएफ टीम को बताया कि बिकरू और आसपास के गांव में लगभग 200 लोग ऐसे हैं जो विकास के कहने पर कुछ भी कर सकते थे। उसने यह भी बताया कि बिकरू कांड में लगभग 50 असलहों का इस्तेमाल हुआ था जो विकास ने पांच घंटे के अंतराल में इकट्ठा करा लिए थे।

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