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UP : जेवर में जमीन अधिग्रहण के बाद इन गांवों की गलियों में फर्राटा भरती हैं लक्जरी कारें, किसान पीते हैं महंगी शराब

UP : जेवर में जमीन अधिग्रहण के बाद इन गांवों की गलियों में फर्राटा भरती हैं लक्जरी कारें, किसान पीते हैं महंगी शराब
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नई दिल्ली। ग्रेटर नोएडा में जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए जिन 6 गांवों के किसानों की जमीन अधिग्रहीत की गई है। उन किसान परिवारों की लाइफ स्टाइल में बड़ा बदलाव आया है। ग्रामीणों ने बताया कि जेवर के रोही गांव में ही पिछले तीन महीनों में 50 से रॉयल एनफील्ड मोटर साइकिल खरीदी गई हैं। दर्जनों किसानों ने स्कार्पियो, सफारी, फॉर्च्यूनर और ऑडी जैसी लक्जरी कारें खरीदी हैं। गांव की नालियों और कूड़े के ढेर में महंगी शराब की खाली बोतलें पड़ी दिखती हैं। इसके साथ ही टूटे फूटे घर बड़ी हवेलियों में बदल गए हैं।

यहां के किसान परिवारों के लिए परी चौक और अट्टा चौक आना-जाना आम बात है। नोएडा के जीआईपी मॉल और ग्रेटर नोएडा के ग्रैंड वेनिस मॉल पूरा परिवार एकसाथ शॉपिंग करने जाता है। युवाओं को अब गांव पिछड़ा लग रहा है, वह मथुरा, ग्रेटर नोएडा और अलीगढ़ शहर में बसने की प्लानिंग कर रहे हैं। 23 अप्रैल 2019 को पहले किसान ने मुआवजा लिया था। बमुश्किल नौ महीनों में यहां सबकुछ बदल चुका है। 1200 किसानों को एक करोड़ से ज्यादा पैसा मिला है। कुछ किसानों को 10 से 15 करोड़ रुपए तक मुआवजा मिला।

जेवर के पास बनने वाले नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को लेकर पूरा सरकारी अमला पुरजोर लगा हुआ है। मंगलवार को पेश किए गए यूपी के बजट में एयरपोर्ट के दूसरे चरण पर काम शुरू करने के लिए सरकार ने 2,000 करोड़ रुपये की भारी भरकम धनराशि आवंटित की। बुधवार को केंद्र और राज्य सरकार की उच्चस्तरीय बैठक हुई है। लेकिन, जिन 6 गांवों रोही, परोही, किशोरपुर, दयानतपुर, रनहेरा और बनवारीवास की जमीन पर एयरपोर्ट बन रहा है, वहां का माहौल क्या है, ग्रामीण क्या कर रहे हैं और क्या सोच रहे हैं।

जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के लिए पहले चरण में छह गांवों की 1,334 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया गया है। बदले में 5,823 किसानों को 3,167 करोड़ रुपये बतौर मुआवजा दिया गए हैं। कुछ किसान परिवार ऐसे हैं, जिन्हें 5 से 15 करोड़ रुपये मुआवजा मिला है। किसानों के सामने सबसे बड़ी समस्या यही है कि इस पैसे से क्या करें।

कुछ लोगों ने गौतमबुद्ध नगर जिले के अधिग्रहण मुक्त गांवों में जमीन खरीदी है। कुछ लोगों ने बुलंदशहर, अलीगढ़ और बदायूं में जमीन खरीद ली हैं। प्रापर्टी डीलर किसानों को दूसरे जिलों में जमीन खरीदवाने के लिए ऑफर दे रहे हैं। ये लोग बाकायदा गांवों में पोस्टर और वॉल पेंटिंग के जरिए प्रचार कर रहे हैं।
पैसा आने के बाद इस इलाके में बड़े पैमाने पर कारोबारी गतिविधियां बढ़ी हैं। इन गांवों के आसपास प्राइवेट और सरकारी बैंकों ने नई शाखाएं खोली हैं। पिछले छह महीने के दौरान आईसीआईसीआई और एक्सिस बैंक ने अपनी शाखाएं खोली हैं। बड़ी संख्या में किसान परिवारों ने बॉन्ड, म्युचुअल फंड, एफडी और इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदी हैं।

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