उत्तर प्रदेश प्रवासी श्रमिकों को रोजगार देने में सबसे आगे, भारत सरकार से मिला प्रथम पुरस्कार

लखनऊ। कोरोना संकट के दौरान प्रवासी श्रमिकों को रोजगार देने में उत्तर प्रदेश पहले स्थान पर रहा है। गरीब कल्याण रोजगार अभियान के तहत इनको रोजगार दिए जा रहे थे। यह योजना देश के 116 जिलों में चल रही थी। यूपी को पहले पुरस्कार के साथ ही प्रयागराज जिले को भी देश में अव्वल रहने पर प्रथम पुरस्कार मिला है। इसके साथ पंचायती राज विभाग को कुल आठ पुरस्कारों के लिए चुना गया है।

यह पुरस्कार 2 अक्तूबर को आयोजित समारोह में दिए जाएंगे। पंचायती राज मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी ने बताया कि गरीब कल्याण रोजगार अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 जून को प्रारंभ किया था। इसे उत्तर प्रदेश समेत 6 राज्यों के 116 जिलों में प्रवासी श्रमिकों को मिशन मोड में सहायता देने के लिए शुरू किया गया था।

125 दिन के इस अभियान में प्रवासी श्रमिकों को शौचालय निर्माण, ग्राम पंचायत भवनों के निर्माण, वित्त आयोग से होने वाले कार्य समेत कुल 25 कामों में समायोजित किया जाना था। इसमें श्रमिकों को 202 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से भुगतान क्या जाना था।

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इस इस अभियान में देश के 6 राज्यों में यूपी पहले और देश के सभी 116 जिलों में प्रयागराज पहले स्थान पर रहा है। गरीब कल्याण रोजगार अभियान में हरदोई को दूसरा और फतेहपुर को तीसरा पुरस्कार मिला है। इस अभियान में पंचायती राज विभाग ने सर्वाधिक सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराकर सबसे ज्यादा लोगों को रोजगार दिया है।

 

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