उत्तर प्रदेश: कोऑपरेटिव बैंक भर्ती घोटाले में तीन अधिकारियों पर गिरी गाज, निलंबित

लखनऊ। उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव बैंक भर्ती घोटाले में तीन अधिकारियों पर योगी सरकार ने कड़ी कार्रवाई की है। इन अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। निलंबित अधिकारियों में कोऑपरेटिव बैंक के दो उप महाप्रबंधक तथा एक सहायक महाप्रबंधक स्तर के हैं। बैंक के प्रबंध निदेशक भूपेंद्र कुमार ने बताया कि निलंबित अधिकारियों पर भर्ती के दौरान शैक्षिक अहर्ता बदले जाने से संबंधित पत्रावली बैंक की प्रबंध समिति की बैठक में पेश न करने का आरोप है।

अपर मुख्य सचिव सहकारिता एमवीएस रामीरेड्डी ने निलंबन की पुष्टि करते हुए बताया कि उप महाप्रबंधक दिलीप कुमार तथा शैलेश यादव तथा सहायक महाप्रबंधक सिद्धार्थ को निलंबित किए गए हैं। अपर मुख्य सचिव ने बताया है कि इस मामले में अभी और कई अधिकारियों व कर्मचारयों के खिलाफ कार्यवाही हो सकती है।

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शासन ने बैंक में सहायक प्रबंधकों की भर्ती प्रक्रिया के दौरान नियम विरूद्ध अहर्ता बदले जाने के दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्यवाही करने के निर्देश जारी किए थे। जिसके बाद बैंक के प्रबंध निदेशक ने निलंबन आदेश जारी किया है। निलंबित किए गए अधिकारियों के खिलाफ उ.प्र. को ऑपरेटिव बैंक स्टाफ सर्विस रूल्स के तहत अनुशासनात्मक कार्यवाही भी प्रारंभ की गई है। इन अधिकारियों को मुख्यालय से संबद्ध किया गया है। इस मामले की जांच महाप्रबंधक स्तर के अधिकारी को दी गई है। 15 दिन के अंदर जांच रिपोर्ट तलब की गई है। गौरतलब है कि इस मामले में बैंक के तत्कालिन प्रबंध निदेशक रहे दो अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई पहले ही हो चुकी है।

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