यूपी : दर्जनों संगीन केस दर्ज है योगी आदित्यनाथ पर, देखें योगी के अपराधों का पूरा काला चिट्ठा

भाजपा ने योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री बनाकर सबको चौंकाकर रख दिया है। यूपी में भाजपा जीतने के बाद से ही कई साम्प्रदायिक मामले सामने आ चुके है। यूपी में भाजपा जीतने के बाद मुख्यमंत्री पद के लिए एक साफ़ छवि के नेता की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन इस बार भी भारतीय जनता पार्टी ने सबकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। चुनाव के समय भी सबसे ज्यादा अपराधियों को टिकट भाजपा ने ही दिए थे, जिस पर मीडिया में खूब चर्चा हुई थी। हालाँकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने प्रधानमंत्री बनने से पहले देश की जनता से यह वादा किया था कि, वह किसी भी अपराधी को संसद में नहीं घुसने देंगे। लेकिन उस नेता को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया जाता है जिस पर बहुत ही गंभीर आरोप लगे है और उनके खिलाफ कोर्ट में कई केस भी चल रहे है।

इसके अलावा एक और मामला है जो वर्ष 1999 का है और यह भी महाराजगंज का मामला है इस बार योगी आदित्यनाथ पर धारा 302 के तहत हत्या का आरोप लगा। इसके अलावा भी योगी आदित्यनाथ पर धारा 307, 427 और धारा 504 के तहत योगी आदित्यनाथ पर केस दर्ज हुए थे। तीसरी बार भी वर्ष 1999 में योगी आदित्यनाथ पर केस दर्ज हुए थे और इस बार भी महाराजगंज जिले में इनपर केस दर्ज हुए थे। इस बार ‘योगी आदित्यनाथ पर धारा 147, 149, 307, 336 और 427 के तहत योगी आदित्यनाथ पर केस दर्ज हुए थे।

योगी आदित्यनाथ कौन-कौनसे गंभीर आरोपों से घिरे हुए है उसकी पोल खोली है। इसलिए आज हम आपको उसी के आधार पर योगी आदित्यनाथ की पोल खोलने जा रहे है। इसके अलावा  दावा है कि, अगर इन आरोपों में योगी आदित्यनाथ को सजा मिल जाये तो उसको फांसी हो सकती है। क्योंकि योगी आदित्यनाथ पर मर्डर के साथ-साथ कई गंभीर आरोप है जिनमें सांप्रदायिक दंगे फैलाने के भी आरोप शामिल है। सबसे पहले योगी आदित्यनाथ पर वर्ष 1991 में धारा 147 के तहत महाराजगंज में दंगा भड़काने का आरोप लगा। इसी के साथ धारा 148 के तहत घातक हथियार से दंगे भड़काने का आरोप, धारा 295 के तहत पूजा स्थल का अपमान करने पर, धारा 297 के तहत कब्रिस्तान पर कब्ज़ा करना। इसके अलावा योगी आदित्यनाथ पर 153 ए के तहत जाति और भाषा के आधार पर दंगा भड़काने के आरोप, धारा 307 के तहत ह्त्या की कोशिश का आरोप। इसके अलावा धारा 506 के तहत धमकी देने का आरोप।

Gyan Dairy

योगी आदित्यनाथ के अपराधिक मामले यही नहीं रुके इसके अलावा भी वर्ष 2006 में भी योगी आदित्यनाथ के खिलाफ धारा 147, 148, 133ए, 285 और 297 के तहत योगी के खिलाफ केस दर्ज किये गए थे। इसके अलावा योगी आदित्यनाथ पर वर्ष 2007 में भी 133ए, 147, 295, 297 और 506 की धारा के तहत योगी के खिलाफ मामले दर्ज किये गए थे। इस हिसाब से अगर देखा जाये तो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर दर्जनों केस दर्ज है अगर इस हिसाब से योगी आदित्यनाथ को सजा होती है तो योगी आदित्यनाथ को फांसी की सजा हो सकती है। योगी आदित्यनाथ पर कई गंभीर मामले दर्ज होने के कारण भी भाजपा ने इन्हें मुख्यमंत्री का पदभार संभालने के लिए दे दिया है।

 

Share