अरुणाचल प्रदेश में चीन ने चोरी छिपे बसाया गांव, अब कर रहा ये दावा

नई दिल्ली। पूर्वी लद्दाख में आठ महीने से अधिक समय से भारत के साथ जारी तनाव के बीच चीन ने अरुणाचल प्रदेश में एक नया गांव बसा लिया है। अवैध तरीके से भारतीय क्षेत्र में गांव बसाने के बाद चीन पूरी दुनिया में ये कह रहा है कि यह उसकी जमीन है और वहां निर्माण कार्य करने के लिए स्वतंत्र है। अरुणाचल प्रदेश में चीन द्वारा गांव बसाने को लेकर ड्रैगन ने कहा है कि उसने अपने क्षेत्र में यह निर्माण कार्य किया है। चीन के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि अपने क्षेत्र में चीन का निर्माण करना पूरी तरह संप्रभुता का मामला है।

चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा भारत सीमा के पूर्वी सेक्टर या जंगनान क्षेत्र दक्षिण तिब्बत पर चीन की स्थिति स्पष्ट और स्थिर है। हमने कभी भी चीनी क्षेत्र में अवैध रूप से स्थापित तथाकथित अरुणाचल प्रदेश को मान्यता नहीं दी है। बता दें कि नापाक इरादे रखने वाला चीन अरुणाचल प्रदेश को दक्षिण तिब्बत का हिस्सा बताता है।

एक भारतीय टीवी चैनल की रिपोर्ट में अरुणाचल प्रदेश के क्षेत्र की तस्वीरें दिखाई थीं जिसमें इसने कहा था कि चीन ने 101 घरों वाले एक नए गांव का निर्माण किया है। चैनल के अनुसार 26 अगस्त 2019 की तस्वीर में कोई इंसानी रिहायश नहीं दिखी लेकिन नवंबर 2020 में आई दूसरी तस्वीर में आवासीय निर्माण दिखे।

Gyan Dairy

भारत ने सोमवार को कहा था कि देश अपनी सुरक्षा पर असर डालने वाली सभी गतिविधियों पर लगातार नजर रखता है और अपनी संप्रभुता तथा क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाता है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत ने सीमावर्ती क्षेत्रों में अपने नागरिकों की आजीविका में सुधार के लिए सड़कों और पुलों सहित बुनियादी ढांचे का निर्माण तेज कर दिया है।

अरुणाचल प्रदेश में चीन के नया गांव स्थापित करने की खबरें ऐसे समय आई हैं जब भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में आठ महीने से अधिक समय से सैन्य गतिरोध बना हुआ है। दोनों देशों के बीच कई दौर की सैन्य और कूटनीतिक वार्ता के बाद भी गतिरोध का अब तक कोई समाधान नहीं निकला है।

Share