चीन, इटली और ईरान से फैला पूरी दुनिया में कोरोना, शोध में हुआ बड़ा खुलासा

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चीन, इटली और ईरान से फैला पूरी दुनिया में कोरोना, शोध में हुआ बड़ा खुलासा

नई दिल्ली। इस समय पूरी दुनिया कोरोना वायरस की चपेट में है, लाखों लोगों की अब तक इस संक्रमण की वजह से मौत हो चुकी है जबकि करोड़ों लोग इस वायरस से संक्रमित हैं। अभी तक कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा नुकसान अमेरिका को हुआ है। वहीं लगातार कोरोना को लेकर कई देशों के शोध चल रहे हैं। कोरोना वायरस को लेकर एक नए अध्ययन में यह बात सामने आई है कि दुनियाभर में कोविड-19 के शुरुआती मामले तीन देश चीन, ईरान और इटली से ही आए थे।

शोध में दुनियाभर में कोरोना वायरस के शुरुआती करीब दो तिहाई मामलों के लिए चीन, इटली और ईरान की यात्रा करने वाले लोगों को जिम्मेदार ठहराया गया है। मेडिकल जर्नल लांसेट के एक नए अध्ययन में कहा गया है कि चीन, ईरान और इटली के यात्रा से जुड़े लोग 31 दिसंबर 2019 से 10 मार्च 2020 के बीच महामारी की घोषणा से पहले की अवधि में चीन के बाहर कोविड-19 के शुरुआती मामलों के करीब दो-तिहाई केसों के लिए जिम्मेदार हैं।

बुधवार को प्रकाशित इस शोध में कहा गया कि जनवरी और फरवरी में चीन के बाहर दर्ज किए गए तीन-चौथाई मामलों को प्रभावित देश के यात्रियों से जुड़ा पाया गया, जिनमें से ज्यादातर इन्हीं तीन देशों के थे। शोधकर्ताओं ने कहा कि इस साल 31 दिसंबर 2019 से 10 मार्च 2020 के बीच चीन के बाहर करीब 75 फीसदी देशों ने कोविड-19 महामारी के पहले 11 हफ्तों के दौरान अपने पहले कोरोना वायरस केस की सूचना दी थी।

शोध में पाया गया कि शुरुआत के जो मामले सामने आए, उनमें 27 फीसदी केस इटली की यात्रा से, 22 फीसदी चीन की यात्रा से और 11 फीसदी ईरान की यात्रा से जुड़े थे।

चिकित्सा महामारी विज्ञानी डॉ. फातिमा दाऊद ने कहा कि हमारे निष्कर्षों से पता चलता है कि कोरोना को महामारी मानने से पहले ही कोविड-19 ट्रांसमिशन के साथ कुछ देशों से यात्रा के जरिए पूरी दुनिया में फैल गया। बता दें कि 11 मार्च को कोविड-19 को महामारी घोषित किया गया था।

डब्लूएचओ के मुताबिक, दुनियाभर में कोरोना का पहला मामला चीन के वुहान शहर में मिला था। चीन के अलावा, इटली और इरान ऐसे देश थे, जहां बड़ी संख्या में कोरोना के मामले सामने आए थे। हाल के इतिहास में कोरोना वायरस अब तक का सबसे घातक महामारी के रूप में उभरा है। जब डब्लूएचओ ने कोरोना को ग्लोबल महामारी घोषित कया, तब से वैज्ञानिक इस बात की जांच करने में जुटे हैं कि आखिर यह वायरस चीन से बाहर इतनी तेजी से कैसे फैला।

बुधवार को प्रकाशित द लांसेंट की रिपोर्ट 10 मार्च तक सार्वजनिक तौर पर उपलब्ध सूचनाओं और डेटा पर आधारित है। इस शोध में शोधकर्ताओं ने नए कोरोना वायरस केसों की पहचान के लिए सार्वजनिक तौर पर उपलब्ध स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट, अन्य सरकारी एजेंसियों की वेबसाइट, सोशल मीडिया फीड्स और प्रेस रिलीज की जांच की है।

कोविड-19 प्रकोप के पहले 11 हफ्तों के दौरान 32,459 कोरोना के मामलों की पहचान चीन के बाहर 99 देशों और अन्य स्थानों से की गई थी। अफ्रीका के 6 में से 3 केस इटली की यात्रा से जुड़े थे, ठीक इसी तरह यूरोप के 45 में से 16 यानी 36 फीसदी केस और अमेरिका के 13 में से पांच केस यानी 38 फीसदी केस इटली की यात्रा से जुड़े थे।

वहीं, पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र में कोरोना के 12 मामलों में दस केस यानी 83 फीसदी चीन की यात्रा से जुड़े थे और दक्षिण पूर्व एशिया में 7 में से 4 केस यानी 57 फीसदी चीन से जुड़े थे। इसके अलावा, पूर्वी भूमध्य क्षेत्र में पहले रिपोर्ट किए गए कोरोना के सात या 44% मामले ईरान की यात्रा जुड़े हुए थे। यानी 44 फीसदी मामलों में ईरान का ट्रेवल हिस्ट्री था।

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