चीन से मिली खौरात के बाद पाकिस्तान में बुजुर्गों को लग रही कोरोना वैक्सीन

इस्लामाबाद। पूरी दुनिया में कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में वैक्सीन सबसे प्रभावी हथियार बनकर उभरी है। हमारे देश की दो कोरोना वैक्सीन का डंका पूरी दुनिया में बज रहा है। कई देशों में हमारी वैक्सीन से लाखों लोगों की जिंदगी सुरक्षित हुई है। वहीं, पड़ोसी देश पाकिस्तान के लिए वैक्सीन बनाना तो दूर खरीदना भी असंभव सा हो गया है। अपने करोड़ो देशवासियों की जिंदगी सुरक्षित रखने के लिए पाकिस्तान दूसरे देशों से फ्री में मिलने वाली वैक्सीन के सहारे है। पाकिस्तान के पुराने मित्र चीन ने वैक्सीन की कुछ लाख डोज उपलब्ध कराई है। इसके बाद पाकिस्तान ने 60 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों का वैक्सीनेशन भी शुरू कर दिया है।

बता दें कि चीन ने पिछले महीने पाकिस्तान को अपनी वैक्सीन सिनोफार्म की डोज दी थीं। इसकी बदौलत पाकिस्तान अपने देश में टीकाकरण कर रहा है। पाकिस्तान को वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन की कोवैक्स फैसिलिटी के तहत एस्ट्राजेनेका की कोरोना वैक्सीन भी मिलने वाली है। पाकिस्तान को मार्च से लेकर जून महीने तक इस स्कीम के तहत एक करोड़ 70 लाख वैक्सीन की डोज मिलेगी। पड़ोसी देश में एक मार्च से कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है। पाकिस्तान इस साल भी वैक्सीन नहीं खरीदने वाला है। दरअसल, इमरान सरकार कोरोना महामारी से निपटने के लिए हर्ड इम्यूनिटी और साथी देशों से मुफ्त में मिलने वाली कोरोना वैक्सीन पर निर्भर रहेगी।

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