सूरज की किरणों और गर्मी से कमजोर होगा कोरोना, अमेरिका ने किया शोध

नई दिल्ली। कोरोना महामारी से पूरी दुनिया कई महीनो से जूझ रही है लेकिन अभी तक कोई भी देश इसकी वैक्सीन नही बना पायी है। इससे बचने के लिए सरकारें तरह-तरह का उपाय कर रही हैं। दुनियाभर के तमाम वैज्ञानिक इसकी वैक्सीन बनाने में जुटे हुए हैं। इसी बीच अमेरिका के कुछ शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि कोरोना वायरस सनलाइट में कमजोर हो जाता है।

दरअसल, अमेरिकी अधिकारियों ने गुरुवार को इस शोध के बारे में जानकारी साझा करते हुए बताया कि सूरज की किरणों के संपर्क में आते ही कोरोना वायरस खत्म हो जाता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कोरोना अपडेट को लेकर हुई प्रेस वार्ता में इसे बताया गया है। यह दावा अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (डीएचएस) की रिपोर्ट में किया गया है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस रिपोर्ट के बारे में बात करते हुए कहा कि यह खतरनाक वायरस ठंडे और शुष्क वातावरण में बेहतर रूप से जीवित रहता है, लेकिन गर्म और अधिक नमी वाले वातावरण में यह सही प्रकार से जीवित नहीं रह पाता है। डीएचएस में विज्ञान और प्रौद्योगिकी निदेशालय के प्रमुख बिल ब्रायन ने भी कहा कि कोरोना वायरस धूप और नमी वाले वातावरण के संपर्क में आने पर बहुत तेज गति से मर जाता है।

हालांकि राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रप ने यह भी कहा कि रिसर्च के नतीजों में सावधानी बरतने की जरूरत है। उन्‍होंने पुरानी रिसर्च का हवाला देते हुए कहा कि यह पहले भी कहा गया है कि कोरोना वायरस गर्मी के मौसम में कमजोर पड़ सकता है। वहीं दूसरी ओर अभी तक इस शोध के अध्ययन को सार्वजनिक नहीं किया गया है।

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पहले भी हुए हैं ऐसे दावे

कुछ दिनों पहले मेसाच्‍यूसेट्स इंस्‍टीट्यूट ऑफ टेक्‍नोलॉजी (एमआईटी) की तरफ से हुई एक रिसर्च में ऐसा ही दावा किया गया था, जब बताया गया था कि जिन जगहों पर तापमान 4 से 10 डिग्री के बीच था वहां पर कोरोना वायरस के नए मामलों में तेजी से इजाफा हुआ हैं हालांकि तब कई विशेषज्ञों ने इस रिसर्च को मानने से इनकार कर दिया था।

अमेरिकी विभाग द्वारा किया गया ये दावा अगर सच साबित होता है तो भारत जैसे देशों के लिए यह बेहद सुकून देने वाली खबर हो सकती है। क्योंकि मौसम विभाग की मानें तो आने वाले दिनों में भारत में तापमान का पारा तेजी से चढ़ने वाला है।

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