एंटीगुआ एवं बारबुडा पहुंचा भगोड़ा मेहुल चोकसी, कहा- भारत लौटना चाह रहा था

नई दिल्ली। पंजाब नेशनल बैंक को हजारों करोड़ का चूना लगाने वाला भगोड़ा हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी डोमनिका की कोर्ट से जमानत मिलने के बाद एक बार फिर एंटीगुआ और बारबुडा पहुंच गया है। डोमनिका में चोकसी 52 दिन तक हिरासत में रहा। अब मेहुल चोकसी ने कहा कि वह भारत लौटने पर गंभीरता से विचार कर रहा था। बता दें कि भारत से फरार होने के बाद मेहुल चोकसी 2018 से एंटीगुआ एवं बारबुडा में रह रहा है। चोकसी ने एंटीगुआ और बारबुडा की नागरिकता भी ले ली है।

मेहुल चोकसी ने अपने वकील के जरिये कहा – “मैं घर वापस आ गया हूं लेकिन इस यातना ने मेरे दिमाग और मेरे शरीर बल्कि मेरी आत्मा तक पर निशान छोड़े हैं। मैं कभी सोच भी नहीं सकता था कि मेरा सारा कारोबार बंद करके और मेरी सारी संपत्तियां जब्त करने के बाद, भारतीय एजेंसियों मेरे अपहरण का प्रयास कर सकती हैं। मैंने इसके बारे में सुना था लेकिन मुझे कभी विश्वास नहीं हुआ कि वे इस हद तक जा सकते हैं।” डोमिनिका हाई कोर्ट द्वारा सोमवार को इलाज के लिए एंटीगुआ लौटने की अनुमति के बाद ने कहा कि वह एंटीगुआ में अपने कानूनी अधिकारों का प्रयोग कर रहे थे जब कथित “अपहरण” हुआ। डोमिनिका की अदालत ने 10 हजार ईस्टर्न कैरेबिनयन डॉलर (करीब पौने तीन लाख रुपये) जमानत राशि के रूप में देने के बाद चोकसी को एंटीगुआ जाने की अनुमति दी।

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एंटीगुआ एवं बारबुडा की रॉयल पुलिस फोर्स चोकसी के अपहरण के दावों और उसकी नागरिकता रद्द करने के मामलों की जांच जारी रखेगी और वहां की अदालतों में उसके प्रत्यर्पण का मामला चलता रहेगा। चोकसी ने जमानत मांगते हुए अपनी चिकित्सीय रिपोर्ट भी अदालत में पेश की थी, जिसमें ‘सीटी स्कैन भी शामिल था। रिपोर्ट में उसके ‘हेमाटोमा (मस्तिष्क से जुड़ी बीमारी) संबंधी स्थिति बिगड़ने की बात कही गई थी।

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