2000 के नोट साथ नही ले जा सकेंगे हज़ यात्री ,सऊदी – रियाल में नही बदलेगा

हज यात्रा को लेकर उत्साहित लोगों के लिए निराश करने वाली खबर है. सऊदी अरब सरकार के कुछ फैसले हज यात्रा के दौरान यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा सकती है. सबसे बड़ी बात की हाल ही में नोटबंदी के बाद जारी हुए 2000 के नए नोट सऊदी अरब में स्वीकार नहीं किये जाएंगे.

आवेदकों ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है. प्रत्येक हज यात्री को अपने साथ अधिकतम 25 हजार रुपये की नगदी ले जाने की छूट रहेगी. यात्रा को लेकर हज कमेटी ऑफ इंडिया के मुंबई स्थित कार्यालय में हाल में तीन दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई थी.

दो हजार का नया नोट सऊदी अरब में वहां की मुद्रा से नहीं बदला जाएगा. सिर्फ इतना ही नहीं इस बार यात्रियों को सिम कार्ड भी नहीं मिलेगा. उत्तर प्रदेश के चीफ हज मास्टर ट्रेनर आलम मुस्तफा याकूबी ने यह जानकारी साझा की. हज यात्रा 27 जुलाई से शुरू हो रही है.

इसमें शामिल होकर आए प्रदेश के चीफ हज मास्टर ट्रेनर आलम मुस्तफा याकूबी ने बताया कि सऊदी सरकार ने दो हजार का नोट रियाल में बदलने पर रोक लगा दी है.

परेशानी से बचने के लिए यात्री घर से अपने साथ पांच सौ या सौ रुपये के नोट ही ले जाएं, जिससे उन्हें सऊदी मुद्रा (रियाल) में आसानी से बदला जा सके. सऊदी सरकार ने हाजियों के लिए सिम कार्ड देने की व्यवस्था भी खत्म कर दी है.

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कार्यशाला में सीमा शुल्क विभाग के अधिकारी प्रशांत कुमार ने बताया कि कैश के रूप में जिन यात्रियों पर दो हजार रुपये के नोट मिलेंगे, उन्हें विभाग हवाई अड्डों पर ही अपने पास जमा कर लेगा.

फीरोजाबाद के रहने वाले चीफ मास्टर ट्रेनर ने बताया कि यात्रियों की समस्या को देखते हुए सऊदी सरकार ने हाजियों को सऊदी अरब आने के बाद सिम कार्ड खरीदने की छूट दी है, लेकिन इसके लिए उन्हें अपनी वीजा और इमीग्रेशन कार्ड के बार कोड की फोटो कॉपी देनी होगी.

पहले हज कमेटी ऑफ इंडिया के माध्यम से यात्रियों को सिम कार्ड हवाई अड्डे पर उपलब्ध कराए जाते थे. इसमें कुछ आपातकालीन नंबर और बैलेंस भी रहता था. ऐसे में हज यात्रियों का देश की सीमा से बाहर होते ही परिजनों से संपर्क टूट जाएगा.

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