अमेरिका से भारत के रिश्ते हुए और भी मजबूत भारत को बताया सच्चा दोस्त, कोरोना काल में भारत बना कई देशों का मददगार

वाशिंगटन। भारत देश ने कई देशों को कोरोना वैक्सीन को भेंट करने के कारण प्रशंसा करते हुए अमेरिका ने भारत को अपना सच्चा मित्र बताते हुए कहा कि, वह वैश्विक समुदाय की मदद करने के लिए भारत ने अपने यहां दवा क्षेत्र का उपयोग कर रहा है। भारत बीते कुछ दिन में अपने यहां बने कोरोना टीकों की खेप भूटान, मालदीव, नेपाल, बांग्लादेश, म्यामार, मॉरीशस और सेशेल्स को मदद के रूप में भेज चुका है। सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील और मोरक्को को ये टीके व्यावसायिक आपूर्ति के रूप में भेजे जा रहे हैं। अमेरिका के विदेश विभाग के दक्षिण एवं मध्य एशिया ब्यूरो की ओर से शुक्रवार को ट्वीट किया गया, वैश्विक स्वास्थ्य क्षेत्र में भारत की भूमिका की सराहना करते हैं जिसने दक्षिण एशिया में कोविड.19 की लाखों खुराकें दीं।

भारत ने टीकों की निःशुल्क खेप भेजने की शुरुआत मालदीव, भूटान, बांग्लादेश और नेपाल से की तथा अन्य देशों की भी इसी प्रकार मदद की जाएगी। अपने पड़ोसी देशों को कोरोना के टीके निःशुल्क प्रदान करने के भारत के प्रयासों की मैं सराहना करता हूं। कोरोना महामारी जैसी वैश्विक चुनौतियों के लिए क्षेत्रीय तथा वैश्विक समाधान जरूरी होते हैं। इस स्वास्थ्य संकट के दौरान वैश्विक समुदाय को मिले भारत के समर्थन की अमेरिका के मीडिया ने भी प्रशंसा की। वाशिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत कोरोना वायरस टीके की लाखों खुराकें कूटनीति के तहत दे रहा है।

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इसमें कहा गया, भारत की सरकार ने बांग्लादेश, नेपाल, भूटान और मालदीव को टीके की 32 लाख से अधिक निःशुल्क खुराकें भेजी हैं। मॉरिशस, म्यामां और सेशेल्स को दान के रूप भेजी जानी है। अगली बारी श्रीलंका तथा अफगानिस्तान की है। अमेरिका में भारत के राजदूत तरनजीत सिंह संधू ने कोरोना वायरस महामारी से लड़ाई में वैश्विक समुदाय की मदद के लिए भारत के प्रयासों की सराहना करने पर विदेश विभाग का आभार जताया। उन्होंने प्ीएम नरेन्द्र मोदी को उद्धृत करते हुए शुक्रवार को ट्वीट किया,वैश्विक समुदाय की स्वास्थ्य देखभाल संबंधी जरूरतों को पूरा करने में लंबे समय से भरोसेमंद साझेदार बनकर भारत बहुत गौरवान्वित महसूस कर रहा है।

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