ईरानी परमाणु वैज्ञानिक को इजरायल की मोसाद ने मारा? पत्रकार का दावा

ईरान के शीर्ष परमाणु वैज्ञानिक डॉ मोहसिन फखरीजादेह (Mohsen Fakhrizadeh) की हत्या का सीधा आरोप इजरायल पर लगा है। बताया जा रहा है कि इस हमले को इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद ने अंजाम दिया है। खुद ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी और सर्वोच्च धर्मगुरु अयातुल्लाह अली खमनेई ने इस हमले को लेकर इजरायल को अंजाम भुगतने की धमकी दी है। अब ईरान के एक पत्रकार ने कथित तौर पर पूरी घटना का विवरण सार्वजनिक किया है। उन्होंने दावा किया है कि यह जानकारी उन्हें ईरानी अधिकारियों से मिली है।

पूरे मिशन में इजरायल के 62 लोग थे शामिल

ईरानी पत्रकार मोहम्मद अहवाज ने दावा किया है कि परमाणु वैज्ञानिक डॉ मोहसिन फखरीजादेह की हत्या में 62 लोग शामिल थे। इन्होंने ही ईरानी सरकार के लाख छिपाने के बावजूद देश में कोरोना वायरस के बढ़ते प्रभाव की जानकारी पूरी दुनिया को दी थी। ईरानी अधिकारियों ने हत्या के लिए इजरायल के मोसाद को दोषी ठहराया है। एक अमेरिकी अधिकारी और दो अन्य खुफिया अधिकारियों ने भी न्यूयॉर्क टाइम्स को बताया कि हमले के पीछे इजरायल का हाथ था।

12 हमलावरों ने मिशन को दिया अंजाम

अहवाज ने बताया कि इस टीम में 12 लोग ऐसे थे जिन्हें विदेशों में सुरक्षा और खुफिया सेवा के अधिकारियों की हत्या करने के ट्रेनिंग दी गई है। इन लोगों को ईरान की राजधानी तेहरान से 50 मील पूर्व में अबसार्ड शहर में तैनात किया गया था। जबकि, 50 अन्य लोगों ने इन 12 लोगों को लॉजिस्टिक सपोर्ट उपलब्ध करवाया था। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि ये 50 लोग घटना के समय ईरान में मौजूद थे या फिर बाहर से सहायता दे रहे थे।

डॉ फखरीजादेह की निगरानी कर रही थी हमलावरों की टीम

यह टीम डॉ मोहसिन फखरीजादेह की नजदीकी से निगरानी कर रही थी। उन्हें पहले से ही पता था कि वह शुक्रवार को तेहरान से अबसार्ड शहर तक सड़क के रास्ते जाने वाले हैं। इस टीम ने शहर के प्रवेश द्वार के नजदीक एक गोल चक्कर के पास हमले की योजना बनाई। इस हमले को अंजाम देने के लिए एक कार में चार हमलावर सवार हुए। उनके साथ चार मोटरसाइकिलों पर भी हमलावर सवार थे।

हमलावरों ने घटना को ऐसे दिया अंजाम

ईरानी वैज्ञानिक के काफिले को रोकने के लिए लिए इन्होंने सड़क पर विस्फोटकों से लदे एक पिकअप को फंसा दिया और मौके का इंतजार करने लगे। हमलावरों ने घटनास्थल के पास दो स्नाइपर्स को भी तैनात किया था। जो दूरी से सटीक निशानेबाजी में माहिर थे। ईरानी पत्रकार अहवाज ने बताया कि फखरीजादेह के तीन बुलेटप्रूफ कारों के काफिले के पहुंचने से आधे घंटे पहले इलाके में बिजली काट दी गई थी।

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पिकअप में धमाका कर काफिले को घेरा

हमले वाली जगह पर जैसे ही फखरीजादेह के काफिले की पहली कार गोल चक्कर से निकली वैसे ही हमलावर अलर्ट हो गए। ईरानी स्टेट टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, हमलावरों ने तीसरी कार के गोल चक्कर के पास पहुंचते ही फंसे हुए पिकअप में धमाका कर दिया। इस धमाके से बिजली के खंभे और ट्रांसमीटरों को नुकसान पहुंचा। विस्फोट इतना जोरदार था कि कार का मलबा उस जगह से 300 मीटर की दूरी तक जाकर गिरा।

काफिले की बुलेटप्रूफ कारों पर अंधाधुंध फायरिंग

दो कारें जो विस्फोट वाली जगह से आगे जा चुकी थी, उन पर 12 बंदूकधारियों ने तबाड़तोड़ फायरिंग कर कार सवारों को मार डाला। ईरानी सेना के इस्लामिक रिव्लूशनरी गार्ड से जुड़ी वेबसाइट सिपाह साइबरी ने बताया कि हमलावरों ने कार पर सैकड़ों गोलिया दागी। जिससे कार सवार सभी लोगों की मौत हो गई।

वैज्ञानिक की हत्या कर फरार हुए हमलावर

अहवाज ने दावा किया कि हमलावरों के टीम लीडर ने डॉ फखरीजादेह को कार से बाहर निकाला और उन्हें गोली मार दी। उसने दोबारा यह चेक किया कि ईरान के परमाणु वैज्ञानिक की मौत हुई कि नहीं। इस हमले के बाद हमलावर वहां से गायब हो गए। उनके दस्ते के किसी भी साथी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। वहीं, ईरानी स्टेट मीडिया ने दावा किया कि डॉ फखरीजादेह के अंगरक्षकों ने भी हमलावरों का मुकाबला किया। वे जानते थे कि जिस आदमी की वे वर्षों से रक्षा कर रहे थे वह मोसाद का नंबर एक निशाना था।

ईरानी विदेश मंत्री ने वैज्ञानिक के हत्या की पुष्टि की

डॉ फखरीजादेह के ऊपर हुए हमले की जानकारी मिलते ही उनकी सुरक्षा के जुड़े कई वरिष्ठ अधिकारी अबसार्ड के अस्पताल पहुंचे। लेकिन, वे तब हैरान हो गए कि जब उन्होंने देखा कि पूरा शहर में बिजली गुल है। इसके बाद डॉ फखरीजादेह के शव को हवाई मार्ग से तेहरान लेकर जाया गया। इसके बाद ईरानी विदेश मंत्री जावेद जरीफ ने प्रख्यात ईरानी वैज्ञानिक के मारे जाने की पुष्टि की और इजरायल पर इल्जाम लगाया।

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