मिस्त्र में समुद्र के अंदर मिला तीसरी शताब्दी का रहस्यमयी मंदिर और खज़ानों से भरी नाव, जानें फिर क्या हुआ

नई दिल्ली। मिस्त्र के हेराक्लिओन शहर में समुद्र के अंदर तीसरी शताब्दी का यानि 1700 साल पुराना रहस्यमयी मंदिर पाया गया है। इस मंदिर के मिलते ही पुरातत्व विभाग भी आश्चर्य में आ गया है। खास बात यह है कि समुद्र के अंदर मंदिर के अलावा भारी मात्रा में तांबे के सिक्के और गहने भी पाए गाये हैं।

बता दें कि इस मंदिर की खोज यूरोप और इजिप्ट के पुरातत्वविदों ने की है। यहां कई खंबे भी मिले हैं जिन्हे मुख्य मंदिर का हिस्सा बताया जा रहा है। जबकि मंदिर की खोज स्कैनिंग डिवाइस के जरिए की गई है। इस रहस्यमई मंदिर के बारे में पुरात्व विभाग ने बताया कि यह मंदिर समुद्र के जिस हिस्से में मिला है उसे इजिप्ट का अटलांटिस क्षेत्र माना जाता है। समुद्र की गहराई में जो मंदिर के अवशेष पाए गए हैं उसे ग्रीक मंदिर बताया गया है। जो अब पूरी तरह से बिखर गया है। मंदिर की खोज के दौरान मूर्तियां और मिट्टी के बर्तन भी मिले हैं जिन्हें तीसरी या चौथी शताब्दी का बताया जा रहा है।

Gyan Dairy

पुरातत्वविदों को जो तांबे के सिक्के मिले हैं उन्हे राजा क्लाडियस टॉलमी के शासनकाल का बताया गया है। समुद्र में कई इमारतों के अवशेष भी मिले है। इस जगह पर करीब 12 साल पहले फ्रेंच के युद्धपोत भी पाए गए थे जो 18वीं शताब्दी के थे। बताया जा रहा है कि करीब 4 साल की मेहनत के बाद 1700 साल पुराने मंदिर का पता लगाया गया है। समुद्र की गहराई में पाए गए इस विशाल खजाने में कई प्राचीन सीप, क्रॉकरी, सिक्के और गहनों से भरे बर्तन भी मिले हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Share