नेपाल: राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी की मुश्किलें बढ़ीं, सुप्रीम कोर्ट में संसद भंग करने को लेकर सुनवाई शुरू

काठमांडू। नेपाल की राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। नेपाली सुप्रीम कोर्ट ने आज यानी गुरुवार को प्रतिनिधि सभा को असंवैधानिक तरीके से भंग करने और प्रधानमंत्री पद के लिए विपक्ष के नेता शेर बहादुर देउबा का दावा नकारने को लेकर दायर याचिकाओं पर सुनवाई शुरू कर दइी है। शुक्रवार को सदन भंग करने को चुनौती देते हुए विपक्षी गठबंधन ने तीन दर्जन के करीब याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में दायर की हैं।

राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी पर विपक्ष ने आरोप लगाया है कि उन्होंने विगत शनिवार को पांच महीने में दूसरी बार प्रतिनिधि सभा को भंग करने का आदेश जारी किया। इसके साथ ही राष्ट्रपति ने अल्पमत की सरकार का नेतृत्व कर रहे प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की सलाह पर नवंबर में मध्यावधि चुनाव कराने की घोषणा भी कर दी।

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दरअसल, राष्ट्रपति से मौजूदा प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष शेर बहादुर देउबा ने अलग-अलग मुलाकात की थी। शेर बहादुर देउबा ने सरकार बनाने का दावा किया था। नेपाल के विपक्षी गठबंधन ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में एक रिट याचिका दायर कर प्रतिनिधि सभा की बहाली और देउबा को प्रधान मंत्री के रूप में नियुक्त करने की मांग की। अन्य लोगों ने भी प्रतिनिधि सभा को भंग करने के खिलाफ याचिका दायर की थी।

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