FATF की फटकार के बाद भी नहीं सुधर रहा पाकिस्तान, आतंकी संगठनों पर कोई कार्रवाई नहीं

नई दिल्ली। आतंकवादियों का सबसे बड़ा शरणदाता पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। आतंकवाद के वित्तपोषण की निगरानी करने वाली संस्था फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) ने लम्बे समय से पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में रखा है। बावजूद इसके पाकिस्तान लगातार आतंकियों को शरण दे रहा है। पाकिस्तान में अफगान तालिबान, हक्कानी नेटवर्क, लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी), जैश-ए-मोहम्मद, फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन, अल कायदा और इस्लामिक स्टेट जैसे कई दहशतगर्द संगठनों को पनाह मिली हुई है। इनमें से कई आतंकी संगठन अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना की वापसी के बाद वहां अशांति फैला रहे हैं।

हाल के दिनों में फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स ने आतंकी वित्तपोषण को रोकने के लिए पाकिस्तान के फैसलों में “बड़ी कमियों” का जिक्र किया था। एफएटीएफ ने बैठक में कहा था कि पाकिस्तान जितनी जल्दी हो सके सीएफटी (आतंकवाद विरोधी वित्तपोषण) से संबंधित चीजों पर काम जारी रखे। अक्टूबर में होने वाली फोर्स प्लेनरी मीटिंग तक पाकिस्तान के लिए अगले तीन महीनों में ये काम पूरा करना मुश्किल है। हालांकि पाकिस्तान आतंकवादी समूहों के नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करने की इच्छा ही नहीं दिखा रहा है।

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एफएटीएफ के अध्यक्ष मार्कस प्लेयर ने कहा था कि “पाकिस्तान को जो सुझाव दिए गए थे उनमें उसने काफी प्रगति की है और 27 में से 26 शर्तों को पूरा किया है। लेकिन अभी उसे आतंकवादियों को ज़िम्मेदार ठहराने और उन्हें सज़ा देने की दिशा में काम करना बाक़ी है।” उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अब भी ‘इन्क्रीज़्ड मॉनिटरिंग लिस्ट’ में बना रहेगा। ‘इन्क्रीज़्ड मॉनिटरिंग लिस्ट’ को ही ग्रे लिस्ट कहा जाता है।

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