पाकिस्तान: कुलभूषण जाधव मामले में अगले हफ्ते से होगी सुनवाई, इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने किया स्पेशल बेंच का गठन

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कुलभूषण जाधव मामले में इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने अपॉइंट किए 3 अधिवक्ता, भारत को भी दिया मौका

नई दिल्ली। पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय नेवी के पूर्व कमांडर कुलभूषण जाधव के मामले में अंतरराष्ट्रीय अदालत के फैसले के मद्देनजर पाक सरकार ने सोमवार को संसद में एक अध्यादेश पेश किया। कुलभूषण जाधव केस की सुनवाई के लिए इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने स्पेशल बेंच का गठन किया है, जो अगले सप्ताह से केस की सुनवाई करेगी। जियो टीवी ने यह जानकारी देते हुए कहा है कि इस्लामबाद हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस अथर मिनाल्लाह बेंच की अगुआई करेंगे। सोमवार को जाधव के लिए एक वकील भी नियुक्त किया जाएगा।

बता दें कि भारतीय नौसेना सेवानिवृत्त अधिकारी 50 वर्षीय कुलभूषण जाधव को अप्रैल 2017 में एक पाकिस्तानी सैन्य अदालत ने जासूसी और आतंकवाद के आरोप में मौत की सजा सुनाई थी। इसके बाद भारत की ओर से जाधव तक राजनयिक पहुंच नहीं देने और मौत की सजा सुनाए जाने को लेकर पाकिस्तान के खिलाफ आईसीजे का दरवाजा खटखटाया था। हेग स्थित आईसीजे ने जुलाई 2019 में इस मामले में फैसला देते हुए कहा था कि पाकिस्तान को जाधव की सजा की प्रभावी समीक्षा और इस पर पुनर्विचार करना चाहिए और साथ ही और कोई देरी किए बिना भारत को राजनयिक पहुंच देनी चाहिए।

पाकिस्तान ने यह कदम इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस के 17 जुलाई 2019 के फैसले को लेकर उठाया है। पाकिस्तान सरकार ने कोर्ट के आदेश को लागू करने के लिए यह ऑर्डिनेंस जारी किया। पाकिस्तान सरकार ने दावा किया कि जाधव ने अपनी सजा के खिलाफ खिलाफ याचिका दायर करने से इनकार कर दिया है। जाधव भारत की मदद के बिना अपने के लिए पाकिस्तान में वकील नियुक्त नहीं कर सकते हैं। याचिका में यह भी दावा किया गया था कि नई दिल्ली अध्यादेश के तहत सुविधा का लाभ उठाने के लिए अनिच्छुक है।

पाकिस्तान सरकार ने याचिका में कोर्ट से जाधव के लिए प्रतिनिधि नियुक्त करने की मांग की थी ताकि आईसीजे के फैसले के तहत जिम्मेदारी को निभाया जा सके। 17 जुलाई को पाकिस्तान ने जाधव को तीसरी बार काउंसलर एक्सेस दी थी। हालांकि, हर बार वह बाधा पहुंचाता रहा है।

इस सप्ताह पाकिस्तान सरकार ने इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (रिव्यू ऐंड रीकन्सिडरैशन) ऑर्डिनेंस 2020 को संसद में मंजूरी के लिए पेश किया। यह कानून जाधव के लिए अपने खिलाफ सजा को चुनौती देने का रास्ता साफ करेगा। 22 जुलाई को पाकिस्तान सरकार ने जाधव के लिए एक कानूनी प्रतिनिधि नियुक्त करने के लिए इस्लामाबाद हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

पिछले सप्ताह भारत ने पाकिस्तान पर जाधव के लिए सभी रास्ते बंद करने का आरोप लगाया था। भारत ने कहा था कि आगे कदम उठाने के लिए उसके अधिकार सुरक्षित हैं। विदेश मंत्रालय ने इस्लामाबाद पर पूर्व नेवी अधिकारी तक पहुंच को बाधित करने, केस से संबंधित कागजात नहीं मुहैया कराने और आईसीजे के फैसले के उल्लंघन का आरोप लगाया था।

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